कानपुर पुलिस को गच्चा देकर अपहर्ता फ़िरौती के तीस लाख रुपए लेकर फ़रार, अखिलेश यादव ने साधा योगी सरकार पर निशाना

कानपुर. विकास दूबे का प्रकरण अभी सुर्खिंयों में ही है। उस मामले में यूपी पुलिस आरोपों को झेल रही है। अब कानपुर के बर्रा निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस पर खुलेआम आरोप लगाया कि पुलिस अपहर्ताओं से मिली हुई है। उसने अपहर्ताओं को 30 लाख रुपए की फिरौती की रकम दिलवाई दी पर उसका बेटा अभी तक घर नहीं आया है। करीब 24 दिन गुजर गए हैं, बस इंतजार कर रहे हैं कि कब बेटा घर आए। इस आरोप के बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई है। एसपी साउथ अपर्णा गुप्ता फिरौती की रकम देने की बात को गलत बताते हुए कहाकि वह खुद ही सर्विलांस टीम की मदद से मामले की जांच कर रही हैं, जल्द ही पैथोलॉजी कर्मी को सकुशल बरामद कर लिया जाएगा। इस मामले पर समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने योगी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहाकि, लगता है उप्र की भाजपा सरकार की नैतिकता का ही अपहरण हो गया है।

कानपुर के बर्रा में चमन सिंह का बेटा संदीप एक पैथोलॉजी में काम करता था। चमन सिंह ने अपनी बेटी की शादी बर्रा निवासी राहुल यादव से तय कर दी थी। पर रिश्ते में कोई खोट होने से शादी टूट गई। बस उसके बाद से इस परिवार के दिन खराब हो गए। फोन पर धमकियां आने लगी। इसी बीच 22 जून को संदीप पैथोलॉजी गया था, जिसके बाद से 24 दिन गुजर गए उसका कोई पता नहीं चल रहा है।

बर्रा पुलिस सवालों के घेरे :- चमन सिंह ने थाना पुलिस से शिकायत दर्ज कराई और राहुल यादव पर बेटे के अपहरण का संदेह जताकर मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद आरोपित फोन पर बेटे को छोड़ने के लिए 30 लाख रुपए की फिरौती की मांग करने लगे। परेशान पिता चमन सिंह मंगलवार को एसएसपी ऑफिस पहुंचे और पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहाकि, पुलिस के कहने पर घर बेचकर 30 लाख रुपए फिरौती की व्यवस्था की। सोमवार रात वह पुलिस टीम के साथ अपहर्ता की बताई जगह गुजैनी हाईवे पर पहुंचे। यहां उन्होंने पुल वाली जगह रेलवे ट्रैक पर तीस लाख रुपए से भरा बैग फेंक दिया। पर अभी तक पुलिस न आरोपी को पकड़ पाई है और न ही बेटा लौटा है। चमन सिंह ने पुलिस पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने पुलिस टीम को बैग में ट्रैकिंग डिवाइस लगाने के लिए कहा पर पुलिस ने नहीं लगाई। आरोप के बाद बर्रा पुलिस सवालों के घेरे में आ गई है।

फिरौती का बात गलत है :- एसपी साउथ अपर्णा गुप्ता ने कहाकि, अपहृत युवक के स्वजनों की फिरौती की रकम देने की बात गलत है। वह खुद ही सर्विलांस टीम की मदद से मामले की जांच कर रही हैं, जल्द ही पैथोलॉजी कर्मी को सकुशल बरामद कर लिया जाएगा।

कड़ी से कड़ी सजा :- एसएसपी कानपुर दिनेश कुमार पी ने कहाकि, मैं इस केस को देखता हूं, मेरी प्राथमिकता पहले अपहरण किए युवक को छुड़ने की है। एक टीम का गठन कर दिया गया है जो इस मामले की पड़ताल करेगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया है कि अगर पुलिस की इसमें कोई भूमिका हुई तो कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।

अखिलेश ने कहा, आखिर किसका हाथ है:- समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सरकार के काम पर सवाल उठाते हुए कहाकि, कानपुर में अपहरण की घटना के बाद बेबस व मजबूर परिजनों द्वारा सूचित करने के बावजूद पुलिस के सामने से फिरौती की रकम ले जानेवालों के ऊपर आख़िर किसका हाथ है कि उन्हें पुलिस का भी डर नहीं है। लगता है उप्र की भाजपा सरकार की नैतिकता का ही अपहरण हो गया है।



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