पाकिस्तान के सैनिकों में फैला कोरोना का कहर, इमरान खान के सरकार के समय में सेना ने किया बगावत:

पूरी दुनिया में कोरो ना के कहर से परेशान है । सभी देश अपने नागरिकों को बचाने के लिए किसी भी हद से गुजर जा थे है। परंतु आपको बता दे की भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान अपने नागरिकों के साथ ,देश के सहारा अपने सैनिकों को भी कोरोना से मारने के लिए छोड़ दिया है।

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और गिलगित बाल्टिस्तान इलाके में तैनात पाकिस्तानी सेना के 52 से अधिक जवानों की अब तक कोरोना की वजह से मौत हो चुकी है और 800 से अधिक का इलाज जारी है।

जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और गिलगित बाल्टिस्तान क्षेत्र में तैनात पाकिस्तानी सेना ने कुल 2535 कोरोना पॉजिटिव मामले दर्ज किए हैं, जबकि 827 अभी भी सक्रिय हैं।

रिपोर्टों से पता चलता है कि पाकिस्तान सेना के भीतर विरोध प्रदर्शन हुए हैं, क्योंकि सैनिक बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए इकाइयों के भीतर अपर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं की शिकायत कर रहे हैं। सैनिकों का कहना है कि जहां अधिकारियों को सर्वोत्तम उपलब्ध सुविधाएं दी जाती हैं, वहीं सैनिकों को भगवान की दया पर छोड़ दिया जाता है। एक सूत्र ने कहा, 'हाल ही में कुछ सैनिकों ने पाक अधिकृत कश्मीर में पाकिस्तान सेना की एक इकाई में विरोध करने की हिम्मत की और अपर्याप्त सुविधाओं की शिकायत की। जवानों ने यह भी आरोप लगाया कि जब अधिकारियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता था, तो सैनिकों को मरने के लिए छोड़ दिया जाता था।' पाकिस्तान की सेना कोविड-19 पॉजिटिव मामलों की संख्या के आंकड़ों को सेना में छिपाती रही है, लेकिन हर गुजरते दिन के साथ संख्या में भारी वृद्धि हो रही है।

हाल ही में जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा था कि पाकिस्तान कोरोना वायरस से संक्रमित आतंकवादियों को भेजने की कोशिश कर रहा था। सूत्र ने कहा, 'जब भी कोई मुठभेड़ होती है, हम सुनिश्चित करते हैं कि सभी सावधानी बरती जाए, क्योंकि मारा गया आतंकवादी कोरोना बीमारी का वाहक हो सकता है, ये आतंकवादी पाकिस्तान की सेना में बीमारी फैलाने के लिए भी जिम्मेदार हैं।'

Advertisement