ताइवान को मिला अमेरिका का साथ,अमेरिकी हथियार से करेगा चीन से मुकाबला ;: मुख्य खबर

भारत और चीन के बीच रिश्तो के तनाव के समय है, चीन का सबसे गरीब देश ताइवान इस वक्त चीन के खिलाफ खड़ा हो चुका है जिससे चीन ताइवान पर पूरी तरह से बौखला हुआ है। आपको बता दें कि चीन ताइवान के क्षेत्र पर अपना अधिकार करने का तथा हथियार से उसपर हमला करने का कितनी बार धमकी भी दे चुका है। हालांकि उसके इन मसबूों पर पानी फेरने के लिए अमेरिका ने ताइवान को ऐसा अचूक हथियार देने का मन बनाया है, जिसके बाद ड्रैगन का पल में काम तमाम हो जाएगा।

अमेरिकी विदेश विभाग ने 620 मिलियन डॉलर की अनुमानित लागत के लिए अपनी पैट्रियट एडवांस्ड कैपिबिलिटी-3 मिसाइल ताइवान को देने को मंजूरी दे दी है। डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी (डीएससीए) की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पैकेज में पीएसी-3 शामिल है जो समाप्ति के करीब हैं। स्टॉकपाइल विश्वसनीयता परीक्षण (एसआरटी) सहित मिसाइल क्षमताओं का परीक्षण और मरम्मत, जमीन समर्थन उपकरण और अन्य रसद समर्थन के लिए स्पेयर पार्ट्स बिक्री के लिए प्राथमिक ठेकेदार लॉकहीड मार्टिन होगा।

यह पैकेज ताइवान के मिसाइल घनत्व को बनाए रखने में मदद करेगा। क्षेत्रीय खतरों के खिलाफ देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और मातृभूमि की रक्षा को मजबूत करने के अलावा वायु संचालन के लिए तत्परता सुनिश्चित करेगा। इसने यह भी कहा कि प्रस्तावित बिक्री क्षेत्र में सैन्य संतुलन को नहीं बदलेगी। डीएससीए के अनुसार, संभावित बिक्री को मंजूरी देती है। मई में यूएस ने ताइवान को $ 180 मिलियन की लागत से 18 एमके -38 मॉड 6 उन्नत प्रौद्योगिकी हैवीवेट टॉरपीडो की संभावित बिक्री को भी मंजूरी दी।

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