विकास दुबे के एनकाउंटर का गवाह ने बताई आंखो देखा हाल , कैसे हुआ बदमाश का काम तमाम:

उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुआ पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ के दौरान 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे तथा सात पुलिसकर्मियों को घर बताया जा रहा है।आपको बता दें कि इस घटना का मुख्य आरोपी विकास दुबे पिछले 7 दिनों के बाद पुलिस की हिरासत में आया। जिसके बाद उज्जैन से चार्टर प्लेन की सहायता से उसको उत्तर प्रदेश लाया जा रहा था।
वहीं से एसटीएफ उसे कानपुर लेकर आ रही थी, जब कानपुर के पास एसटीएफ की गाड़ी पलटने पर विकास दुबे ने भागने की कोशिश में पुलिस टीम पर उन्हीं के हथियार छीन कर हमला बोल दिया। जवाबी कार्रवाई में विकास दुबे भी मारा गया।
हालांकि नाटकीय गिरफ्तारी की तरह ही नाटकीय मुठभेड़ पर प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी सवालिया निशान खड़ा करते हैं। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि वे जब गाड़ी पलटने की जगह पर पहुंचे तो उन्हें वहां से भगा दिया गया। इसके बाद उन्होंने फायरिंग की आवाज सुनी।एनकाउंटर में गंभीर रूप से घायल हुए विकास दुबे की मौत हो गई है। इस एनकाउंटर में चार पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार ने एनकाउंटर की पुष्टि की है।
मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर के सामने से गुरुवार को विकास दुबे (Vikas Dubey) की नाटकीय गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को ही कानपुर में सुबह हुई मुठभेड़ (Encounter) में गैंगस्टर के मारे जाने तक का घटनाक्रम कई सवालिया निशान छोड़ता है। इसके साथ ही यह भी तय हो गया है कि अब योगी सरकार विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप के नए दौर के साथ सूबे की सियासत भी गर्माएगी।उज्जैन से कानपुर लाए जाते वक्त कानपुर के पास एसटीएफ की पलटी गाड़ी की खबर आते ही पूरे घटनाक्रम पर कई सवालिया निशान खड़े हो जाते हैं।

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