लद्दाख में बढ़ती ठंडी से भी पीछे नहीं हटेगी भारतीय सेना, सीमा पर सरकार द्वारा दिया जाएगा ऋण आत्मक(- )तापमान में भी, सहन करने वाला टेंट:

भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव कम होने का नाम ही नहीं ले रहे हैं।आपको बता दें कि लगातार उच्च स्तरीय बैठक से कोई भी मामलों पर सहमति नहीं बन पा रही है तथा चीन सीमा पर अपने सैनिकों के साथ हथियारों का भी काफिला बढ़ाता जा रहा है।गलवा नदी में बढ़ते बास कारण चीन के सैनिकों को पीछे हटने की मजबूरी आ गई है परंतु आपको बता दें लद्दाख में बढ़ते ठंडी से भारतीय सैनिकों को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। सरकार ने सभी सैनिकों को सीमा पर तैनात होने की जिम्मेदारी दी है तथा सैनिकों के लिए माइनस तापमान में भी ठंड से बचा सकें ऐसे टेंट का सहारा देगी।
सेना के सूत्र ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, भले ही चीनी सैनिक अपने स्थान से हट जाएं, हम भविष्य में भी नहीं हटेंगे। इसीलिए, हम पूर्वी लद्दाख सेक्टर में अत्यधिक ठंड के मौसम में रहने के लिए हजारों टेंट लगाने के आदेश देने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, सभी सीमा पर हथियार और गोला-बारूद के अलावा हमारी आपातकालीन खरीद का प्रमुख ध्यान सैनिकों के आवास के लिए व्यवस्था कराने पर होगा। सूत्र ने कहा कि चीन ने पहले ही अपने विशेष शीतकालीन टेंट लगाना शुरू कर दिया है। भारत फिलहाल सियाचिन ग्लेशियर में समान टेंट और संरचनाएं इस्तेमाल कर रहा है। गलवान घाटी में सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए टेंट की आवश्यकता इसलिए महसूस की जा रही है। क्योंकि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तैनाती लंबे समय तक होने की उम्मीद है, जैसा कि वरिष्ठ सशस्त्र बल के अधिकारियों को लगता है कि स्टैंड-ऑफ कम से कम सितंबर-अक्टूबर समय-सीमा तक जारी रहने की संभावना है। 

Advertisement