अयोध्या को नेपाल का हिसाब बताने वाले पीएम ओली को नरेंद्र मोदी द्वारा तगड़ा जवाब, आप फिर से नहीं कर पाएंगे भारत विरुद्ध बातें:

भारत और चीन के बीच जारी तनाव के साथ ही भारत और नेपाल के बीच भी तनाव अग्रसर है आपको बता दें नेपाल के प्रधानमंत्री के पी ओली द्वारा भारत के कई मामलों पर भारत विरुद्ध बातें सुनने को मिली है परंतु उसमें से जो खास यह मुद्दा है कि प्रधानमंत्री ओली का कहना था कि असली अयोध्या भारत में नहीं बल्कि नेपाल में है।
इसके बाद से ही देश विदेश मंत्रालय डैमेज कंट्रोल में लग गया है। गुरुवार को भारत की तरफ से नेपाल को तगड़ा जवाब दिया गया है। विदेश मंत्रालय ने नेपाल को दो टूक कह दिया है कि भारत की विरासत और संस्‍कृति पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।
विदेश मंत्रालय की तरफ से मंगलवार को कहा गया था कि ओली का बयान कोई राजनीतिक विषय नहीं है और उनका मकसद किसी की भी भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता अनुराग श्रीवास्‍तव की तरफ से कहा गया, 'हमारे देश की गहन और सांस्‍कृतिक तौर पर समृद्ध विरासत के बारे में पूरी दुनिया जानती है।' उन्‍होंने नेपाल के विदेश मंत्रालय की तरफ से आई सफाई पर भी टिप्‍पणी की और कहा कि वह इस मसले पर और ज्‍यादा कुछ नहीं कहना चाहते हैं। नेपाल के विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया था कि ओली का बयान अयोध्‍या की महत्‍ता और इसके सांस्‍कृतिक मूल्‍यों को कम करके आंकना नहीं था। नेपाली पीएम केपी शर्मा ओली के असली अयोध्‍या वाले दावे के बाद अब आर्कियोलॉजिकल विभाग ने थोरी में खुदाई करने की योजना बनाई है। पिछले दिनों ओली ने कहा था कि भगवान राम नेपाली हैं और असली अयोध्‍या, भारत में नहीं बल्कि नेपाल में है। उनके इस बयान के बाद विवाद शुरू हो गया है। ओली ने कहा था कि भगवान राम को जन्‍म बिरगुंज के करीब थोरी में हुआ था और असली अयोध्‍या नेपाल में है।

Advertisement