बॉर्डर सील, मुखबीर, एक्शन, यूपी पुलिस ने बताया कैसे किडनेपर्स से बच्चे को छुड़ाया

गोंडा. उत्तर प्रदेश के गोंडा में शुक्रवार को किडनैप हुए बच्चे को शनिवार सुबह पुलिस ने ढूंढ निकाला है। प्रदेश के एडीजी लॉ ऐंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि बच्चे को 24 घंटे के अंदर बरामद कर लिया गया है। अपहरणकर्ताओं की पहचान सर्विलांस से की गई है। उन्होंने बताया कि अपरहणकर्ता बच्चे को कहीं और ले जाने की फिराक में थे, उसी दौरान मुठभेड़ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

कारोबारी के 8 वर्षीय बेटे को एडीजी ने उनके परिवार को सौंपा। उन्होंने बताया कि शाहपुर के रहे वाले सूरज पाण्डेय, उसकी पत्नी छवि पाण्डेय, सूरज का भाई राज पाण्डेय किडनैपिंग में शामिल थे। उनके साथ ही दीपू कश्यप और उमेश यादव को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी के साथ देर रात पारा के पास मुठभेड़ हुई। जिसके बाद दो आरोपियों उमेश और दीपू को गोली भी लगी। गोली पैर में लगी है।

गोंडा बॉर्डर को किया था सील

एडीजी ने बताया कि बच्चे की किडनैपिंग का पता लगते ही गोंडा बॉर्डर को सील कर दिया गया। आसपास के इलाकों से लेकर यूपी के बॉर्डर पर अलर्ट भी जारी कर दिया गया था। बॉर्डर सील होने की वजह से कि़डनैपर्स गोंडा जिले के बाहर नहीं जा सकते थ। इसलिए उन्होंने बच्चे को गोंडा में ही रखा। जब उन्हें लगा कि वे यहां पकड़े जा सकते हैं तो वे रात में बच्चे को यहां से लेकर निकलने लगे। पुलिस को किसी ने मुखबरी की कि बच्चा गोंडा के बाहर ले जाया जा रहा है। रात में ही अलर्ट जारी हो गया। तलाशी अभियान तेज कर दिया गया। इसी दौरान एक ऑल्टो कार को रोका गया। उसमें बैठे बदमाशों ने टीम पर फायरिंग की। वे भागने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान जवाबी फायरिंग में दो बदमाशों को गोली लगी। दो आरोपी घायल भी हुए। पुलिस ने सभी को पकड़ लिया।

आरोपियों के पास से हुई बरामदगी

बच्चे को कार के अंदर से बरामद कर लिया गया। एडीजी ने बताया कि आरोपियों के पास से ऑल्टो कार, एक 32 बोर की पिस्तौल दो 315 बोर के तमंचे भी बरामद हुए हैं। अपहरणकर्ताओं में तीन एक ही परिवार के हैं।

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