कानपुर मु’ठभेड़ से पहले श’हीद CO ने जताया था विनय तिवारी और विकास दुबे की मिलीभगत का श’क

कानपुर ह’त्याकां’ड में एक बड़ा खुलसा हुआ है. पिछले तीन दिन से पुलिस को इस मामले से जुड़े कई सुराग मिलते रहें हैं. जिसके बाद आये दिन खुलासा होता रहा हैं. अब इस मामले में जब कॉल डिटेल निकाली गई तो कई पुलिसकर्मी भी विकास दुबे के संपर्क में थे. जिसके बाद पुलिस के ऊपर भी कार्य’वाई शुरू हो गई हैं.  कानपुर शू’टआउट मामले में शहीद होने से पहले SO देवेन्द्र मिश्र ने चौबेपुर के निलंबि’त एसएचओ विनय तिवारी के खि’लाफ आठ प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी थी.

सूत्रों के मुताबिक, शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा ने विनय तिवारी को भ्र’ष्टाचारी बताया था और रिपोर्ट में लिखा था कि विनय तिवारी की जुए के कारोबार में भूमिका है. शहीद SO देवन्द्र मिश्र ने विनय तिवारी जो की चौबेपुर का एसएचओ था उसको पहले ही हटाने की सिफारिश कर चुके थे. लेकिन इसको लेकर कोई भी कार्यवाई नहीं हुए थी.

इस मामले में अब एक लैटर सामने आया है. जिसमें शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा तत्कालीन एसएसपी से चौबेपुर के एसएचओ रहे विनय तिवारी की शिका’यत की थी. शहीद सीओ ने एसएचओ विनय तिवारी का बदमा’श विकास दुबे से संबंध होने और भविष्य में गंभीर घट’ना होने का शक भी जताया था.

शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा ने अपनी रिपोर्ट में एक और खुलासा किया है उन्होंने बताया है की विनय तिवारी को जुवा खिलवाने वाला और जनता के साथ अ’भद्र व्यवहार करने का भी दो’षी बताया था. लेकिन उच्च अधिकारीयों के कानो तक इस रिपोर्ट को लेकर जूं तक नहीं रेंगी जिसका खामियाजा आज 8 पुलिसकर्मियों को अपनी शाहदत देनी पड़ी.

इस ह’त्याकां’ड में विकास दुबे के संपर्क में चौबेपुर पुलिस थाने के दो दरोगा और एक सिपाही हैं. इनकी कॉल डिटेल से ये खुलासा हुआ है. इसके बाद दारोगा कुंवर पाल और कृष्ण कुमार शर्मा समेत सिपाही राजीव को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया है और मामले की जांच शुरू हो गई है.



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