UP Board: विदेशी लेखक बाहर, भारतीय लेखकों की किताबें पढ़ेंगे 9वीं और 11वीं के छात्र

लखनऊ. यूपी बोर्ड (UP Board) के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है। 9वीं और 11वीं के विषयों में बदलाव करते हुए शैक्षिक सत्र 2020-21 में नए सिलेबस को इंट्रोड्यूज किया गया है। यूपी बोर्ड ने विदेशी लेखकों को बाहर कर भारतीय लेखकों की किताबों की तवज्जो दी है। यूपी बोर्ड 11वीं के छात्र अब इंग्लिश की नई किताबें पढ़ेंगे। उन्हें विलियम शेक्सपियर और विलियम वर्डसवर्थ की बजाय कुशवंत सिंह और नानी पालखीवाल की किताबें पढ़ाई जाएंगी। इसी तरह कक्षा 9 के छात्रों को विक्रम सेठ, मुल्क राज आनंद, आरके लक्ष्मण और रस्किन बॉन्ड की किताबें पढ़ाई जाएंगी।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने रखी अलग राय

इलाहाबाद विश्वविद्यालय (Allahabad University) ने इस मामले में अलग राय रखी है। विश्वविद्यालय से अंग्रेजी और आधिनिक यूरोपीय भाषाओं विभाग के एलआर शर्मा का कहना है कि विलिम शेक्सपियर को व्यापक रूप से अंग्रेजी भाषा के इतिहास और दुनिया के पूर्व-प्रख्यात नाटककर के रूप में सबसे बड़ा लेखक माना जाता है। वह अंग्रेजी में शब्दों का सबसे बड़ा आविष्कारक था। शेक्सपियर ने वाक्यांशों और वाक्य-संरचना शैली के अलावा 1,600 से अधिक अंग्रेजी शब्दों का निर्माण किया, जिसने अंग्रेजी भाषा पर काफी प्रभाव छोड़ा। बता दें कि यूपी बोर्ड की तरफ से अप्रूव्ड कक्षा 9 और 11 के लिए नए एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के आधार पर अंग्रेजी की किताबें बाजार में उपलब्ध हैं। वहीं 28,000 से अधिक मान्यता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए अन्य विषयों के लिए एनसीईआरटी (NCERT) सिलेबस आधारित किताबें अप्रैल 2018 से तरीके से शुरू की गई हैं।

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