कोरोना वायरस पर WHO ने किया चीन का खुलासा, ऐसे बताइए चीन की सच्चाई फिर से बढ़ा दुनिया का गुस्सा:

पूरी दुनिया इस वक्त कोरोना महामारी से लड़ रही है वह विश्व स्वास्थ्य संस्थान WHO को पूरी दुनिया के ताने सुनने को मिल रहे हैं। तथा खुद को बहुत बड़ी परेशानी में डालता दिख रहा है। WHO की तरफ से पहले कहा गया था कि चीन ने उसे पिछले साल दिसंबर में ही कोरोना के बारे में सूचित कर दिया था, लेकिन अब उसने यू-टर्न ले लिए है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना को लेकर जो नई टाइमलाइन बनाई है, उसमें इसका कोई जिक्र नहीं है कि चीन ने उसे कोरोना के बारे में बताया था. WHO का यह कदम उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है, और इससे पश्चिमी देशों के उस आरोप को बल मिलता है कि वैश्विक संस्था ने पारदर्शिता नहीं बरती।

कोरोना से निपटने को लेकर WHO प्रमुख सार्वजनिक रूप से चीन की प्रशंसा करते रहे हैं. उन्होंने महामारी का राजनीतिकरण न करने का आग्रह भी किया, और अब वे कह रहे हैं कि चीन ने कोरोना वायरस के बारे में कोई जानकारी ही उपलब्ध नहीं कराई। टाइमलाइन में किये गए इन बदलावों ने न केवल चीन के असली चेहरे को उजागर किया है, बल्कि डब्ल्यूएचओ की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पिछली टाइमलाइन में इसका कोई जिक्र नहीं था कि WHO को चीन से तीन जनवरी को कोई जानकारी प्राप्त हुई, मगर अब कहा गया है कि 3 जनवरी 2020 को चीनी अधिकारियों ने वुहान में अज्ञात कारणों से वायरल निमोनिया के बारे में डब्ल्यूएचओ को जानकारी प्रदान थी।

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