2022 के चुनाव में ब्राह्मण चेहरे को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनाएगी कांग्रेस

मेरठ. श्री कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने ब्राह्मण जनजागरण को लेकर जूम ऐप पर वर्चुअल मीटिंग आयोजित किया, जिसमें पूरे उत्तर प्रदेश से 108 ब्राह्मणों ने भाग लिया। मेरठ से कांग्रेस एआईसीसी के सदस्य सतीश शर्मा भी इसमें शामिल रहे। जिसमें सतीश शर्मा के प्रस्ताव को एकमत से पारित किया गया। सतीश शर्मा ने प्रस्ताव रखा कि कांग्रेस हाईकमान को ये प्रस्ताव दिया जाए कि 2022 के उत्तर प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में किसी भी ब्राह्मण को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जाए। सतीश शर्मा ने कहा कि इस पर प्रियंका गांधी अपनी सहमति जता चुकी हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी की सहमति भी इस पर करीब-करीब बन गई है। इसकी सही समय पर घोषणा होनी बाकी है।

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श्री कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने जातियों के नाम पर हो रहे आरक्षण के वर्तमान स्वरूप को देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा बताते हुए आरक्षण का आधार जाति न होकर आर्थिक होना चाहिए। इस बात पर जोर देते हुए कहा सभी राजनैतिक दलों को इस बात पर चिंतन करना चाहिए। गरीब किसी भी जाति और धर्म का हो उसे आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। कोरोना काल खत्म होने के बाद प्रदेश राजधानी लखनऊ में एक विशाल "ब्राह्मण महासम्मेलन" का आयोजन किया जाएगा। इसकी घोषणा आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने की।

अटल विहारी वाजपेई की पुण्यतिथि पर आचार्य ने श्रद्धांजलि अर्पित की और वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव त्यागी को भी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन धारण किया। प्रतापगढ़ के रानीगंज में 2 ब्राह्मणों की हत्या पर आचार्य ने निंदा की। जूम ऐप पर आयोजित वर्चुअल बैठक में सुरेंद्र त्रिपाठी, संजय शर्मा, डॉ विजय प्रताप तिवारी, डॉ अनुराग मिश्रा, अमिष तिवारी, अंकित तिवारी, पंकज उपाध्याय सहित 108 लोगों ने पूरे प्रदेश से भाग लिया।

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