नोएडा एयरपोर्ट के लिए जमीन का सर्वे शुरू, 2023 में ही उड़ान शुरू करने का दावा, नहीं पड़ेगा कोरोना लॉकडाउन का असर

ग्रेटर नोएडा. कोरोना महामारी के बीच नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू करने के लिए जमीन का सर्वे शुरू कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि सर्वे के लिए 30 लोगों की तीन टीम लगाई गई हैं, जो सप्ताहभर तक जीपीएस, ड्रोन व अन्य उपकरणों के माध्यम से सर्वे करेंगी। जंगल क्षेत्र होने के चलते 40 अवकाश प्राप्त सैनिकों को टीमों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। बता दें कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी अपना काम शुरू करेगी। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि कोरोना महामारी और लॉकडाउन का असर एयरपोर्ट के काम पर नहीं पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि 2023 से दो रनवे से उड़ान शुरू कर दी जाएगी।

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उल्लेखनीय है कि ग्लोबल टेंडर के माध्यम से नाेएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के लिए ज्यूरिख कंपनी का चयन पहले ही हो चुका है। काम शुरू करने से पहले ज्यूरिख इंटरनेशनल व नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) के साथ करार होना है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हवाई उड़ानें शुरू नहीं होने के चलते ज्यूरिख कंपनी के अधिकारी भारत नहीं आ पा रहे हैं। इससे प्रोजेक्ट में देरी हो रही है। इसलिए ज्यूरिख कंपनी ने फैसला लिया है कि करार के बाद निर्माण करने में ज्यादा समय न लगे। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी कड़ी में ज्यूरिख कंपनी ने जेवर में प्रस्तावित क्षेत्र की जांच और जमीन के सर्वे के लिए तीन टीमें भेजी हैं। यहां पांच लोगों की एक टीम ड्रोन से सर्वे कर रही है। वहीं, पांच लोगों की ही दूसरी टीम जीपीएस सर्वे कर रही है। इसी तरह 20 लोगों की तीसरी टीम जमीन के भीतर दस फुट गहराई से मिट्टी के नमूने ले रही है। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, टीमें प्रस्तावित जगह में छह किलोमीटर की चौड़ाई और 13 किलोमीटर लंबाई में सर्वे कर रही हैं।

वहीं, अधिकारियों का दावा है कि कोरोना लॉकडाउन के चलते भले ही कागजी प्रक्रिया में देरी हो रही हो, लेकिन इसका असर परियोजना पर नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि 2023 से दो रनवे से उड़ान सेवा शुरू कर दी जाएगी। वहीं, दूसरे चरण में छह रनवे बनेंगे। उन्होंने बताया कि 29 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि वाले इस प्रोेजेक्ट की नींव रखने के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ सकते हैं।

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