हापुड़ में 6 साल की मासूम से निर्भया जैसी हैवानियत, प्राइवेट पार्ट डैमेज किया

मेरठ। हापुड में छह साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिदगी की घटना ने समाज को झकझोर का रख दिया है। मासूम का इलाज मेरठ के मेडिकल कालेज में चल रहा है। उसकी हालत गंभीर है। वहीं महिला आयोग ने इस पूरे मामले का संज्ञान में लिया है। प्रदेश और पश्चिम उप्र को झकझोरने वाली इस घटना का भी लखनऊ स्तर पर संज्ञान लिया गया। जिसके बाद खुद महिला आयोग ने सदस्य राखी त्यागी को मेडिकल कालेज में मासूम दुष्कर्म पीडिता के बेहतर इलाज और उसके परिवार को सांत्वाना देने के लिए भेजा।

जानकारी के अनुसार गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के एक गांव में बाइक सवार युवक ने बाहर खेल रही मासूम बच्ची को अगवा किया। जिसके कुछ घंटों बाद बच्ची एक खेत में गंभीर हालत में मिली। मेडिकल जांच में उससे रेप की पुष्टि हुई। बच्ची फिलहाल मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। उसकी हालत गंभीर है। इससे पहले बच्ची का प्राथमिक इलाज हापुड़ के जिला अस्पताल में हुआ। वहां की मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची के प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोटें हैं। पीठ पर भी कई चोट हैं। संभवत: खेत में जमीन पर रगड़ने से ऐसा हुआ।

वहीं दरिंदगी का शिकार हुई मासूम की हालत नाजुक है। चिकित्सक उसका इलाज कर रहे है। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्ची का प्राइवेट पार्ट डैमेज हो गया है। चोटें इतनी हैं कि सर्जरी करना मुश्किल है। शनिवार को सफल ऑपरेशन कर बच्ची के शरीर से आंत निकालकर मल-मूत्र के लिए दूसरा रास्ता बना दिया गया है। फिलहाल बच्ची की हालत बेहद नाजुक है। बच्ची होश में आ गई है, लेकिन वह बेहद घबराई हुई है।

मेडिकल कालेज पहुंची महिला आयोग की सदस्य राखी त्यागी ने हापुड की मासूम के साथ हुई हैवानियत के बारे में पीडित परिवार से जानकारी ली। इस संबंध में उन्होंने कहा कि आला अधिकारियों से वार्ता की गई है। पुलिस को जल्द से जल्द आरोपित को गिरफ्तार करने के लिए कहा गया गया है। आरोपी दोषी पाए जाने पर सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी। पूरे मामले पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। दरिदंगी का शिकार हुई मासूम का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।

महिला आयोग की सदस्य राखी त्यागी ने कहा कि हमने मामले को संज्ञान लिया है। जो भी मामले में दोषी हैं उन्हें सजा दिलवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि हापुड डीएम और एसपी से भी इस पूरे मामले पर बात की गई है। वहीं पीड़ित मासूम की मां का कहना है कि हमने जब किसी को देखा नहीं तो किसी पर ऐसे झूठा इल्जाम नहीं लगा सकते। ये काम पुलिस का है। पुलिस आरोपियों को पकड़े और उनके खिलाफ कार्रवाई करे।



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