आजमगढ़ में प्रधान की हत्या के बाद बवाल, ग्रामीणों ने पुलिस चौकी सहित कई वाहन में लगायी आग, चौकी इंचार्ज निलंबित

आजमगढ. यूपी के आजमगढ़ के तरवां थानान्तर्गत बांसगांव में शुक्रवार की शाम ग्राम प्रधान को घर से बुलाकर बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद बवाल इस कदर बढ़ा कि गांव से बोंगरिया बाजार तक पहुंच गया, जहां एक बालक की पुलिस वाहन से कुचलकर मौत हो गई। उसके बाद आक्रोशित भीड़ ने पुलिस चौकी के सामने खड़े कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। घटना की जानकारी होने पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर सहित कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची और भीड़ को खदेड़कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक ने रासेपुर बोंगरिया चौकी इंर्चाज को निलंबित कर दिया है। कमिश्नर ने पुलिस वाहन से कुचलकर मरने वाले बच्चे के परिजनों को सीएम राहत कोश से पांच लाख रुपये व चूंकि मरने वाले दोनों दलित हैं इसलिये पोस्टमार्टम के बाद दोनों मृतकों के परिजनों को सवा चार-सवा चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिये जाने का ऐलान किया है।

 

क्षेत्र के बांसगांव निवासी सत्यमेव जयते उर्फ पप्पू 42 पुत्र रामसुख राम गांव के प्रधान हैं। परिजनों के मुताबिक मनरेगा के तहत गांव में कुछ दिन पूर्व खोदवाए गए पोखरे को लेकर ग्राम प्रधान का कुछ लोगों से विवाद चल रहा था। शुक्रवार की शाम लगभग पांच बजे गांव का ही एक व्यक्ति किसी को भेजकर ग्राम प्रधान को गांव के श्रीकृष्ण पीजी कालेज के पीछे स्थित पोखरे पर बुलाया। वह जब पोखरे पर पहुंचे तो हमलावरों ने उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया। सरेशाम हुई हत्या से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कथित हमलावरों के घर को घेर लिया। घटना की जानकारी होने पर तरवां थानाध्यक्ष मंजय सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। इसी भगदड़ में एक वाहन की चपेट में आने से एक बच्चे की मौत हो गयी। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस वाहन से कुचलकर बच्चे की मौत का आरोप लगाते हुए हंगामा और तेज कर दिया।

 

गुस्से में लोगों रासेपुर बोंगरिया पुलिस चौकी को पुलिस के हवाले कर दिया। इस दौरान कई वाहनों में आग लगा दी गयी। थानाध्यक्ष की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक पंकज पांडेय कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर मामले को शांत कराने का प्रयास किया लेकिन भीड़ बेकाबू हो गयी और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी लेकिन बेकाबू भीड़ ने पुलिस के वाहन को क्षतिग्रस्त करने के साथ बोंगरिया बाजार पहुंचकर सड़क जमा कर दिया। देर रात किसी तरह हालात पर काबू पाया गया। विभाग के आलाधिकारी मौक पर पहुंच गए है।


मंडलायुक्त विजय विश्वास ने कहा कि शासन के निर्देश पर प्रधान और 12 वर्षीय बालक के परिवार को सीएम राहत कोष से पांच-पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। दोनों दलित हैं इसलिए पोस्टमार्टम के बाद सवा चार, सवा चार लाख की रकम भी सहायतार्थ मिलेगी।

By Ran Vijay Singh



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