जानिए कौन हैं मनोज सिन्हा, जिन्हें बनाया गया जम्मू-कश्मीर का नया उप-राज्यपाल

लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा जम्मू-कश्मीर के नए उप राज्यपाल होंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गिरीश चंद्र मूर्मू का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इससे पहले बुधवार को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने देर रात को अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को भेज दिया। कहा जा रहा है कि मुर्मू नए नियंत्रक एवं महालेखाकार (कैग) बनाए जा सकते हैं। वे राजीव महर्षि की जगह लेंगे, जो कैग (CAG) से इसी हफ्ते सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं।

जानिए कौन हैं मनोज सिन्हा?

उत्तर प्रदेश के 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) को ऐतिहासिक जीत मिली थी। उस समय मनोज सिन्हा रेल राज्यमंत्री के साथ ही संचार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) थे। मनोज सिन्हा यूपी विधानसभा चुनाव जीत के बाद मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे थे। वो दिल्ली से वाराणसी पूजा करने पहुंच गए थे और उन्हें उम्मीद थी कि वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। लेकिन पार्टी की ओर से योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाया गया। मनोज सिन्हा की गिनती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भरोसेमंद नेताओं में होती है। ऐसे में अब एक बार फिर केंद्र सरकार की ओर से मनोज सिन्हा को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा गाजीपुर के पूर्व सांसद रह चुके हैं। वहीं, पूर्वांचल (पूर्वी उत्तर प्रदेश) में भाजपा के बड़े चेहरे भी हैं। मनोज सिन्हा गाजुपर जिले के मोहम्मदाबाद तहसील के मोहनपुरा गांव के रहने वाले हैं। मनोज सिन्हा तीन बार गाजीपुर का संसद में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। पहली बार वर्ष 1996 में हुए लोकसभा चुनाव में वह निर्वाचित घोषित किए गए थे। उस दौरान दो लाख 75 हजार 706 मत पाकर वह एक लाख से अधिक मतों से विजयी हुए थे।

इसके बाद वर्ष 1999 के चुनाव में दो लाख 40 हजार 592 वोट पाकर उन्होंने 11 हजार से ज्यादा मतों से जीत दर्ज की थी। वर्ष 2014 के चुनाव में लगभग साढ़े 32 हजार मतों से उन्होंने कामयाबी का परचम लहराया था। उनको तीन लाख छह हजार 929 मत मिले थे। इस चुनाव में बाजी मारने के बाद मोदी सरकार में उन्हें रेल राज्यमंत्री के साथ ही संचार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। 2019 लोकसभा चुनाव में वह बसपा के सांसद अफजाल अंसारी से हार गए थे।



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