सघन मिशन इंद्रधनुष टीकाकरण में बाराबंकी को मिला पहला स्थान

बाराबंकी. सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान की समीक्षा में बाराबंकी जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। राजधानी को पछाड़ते हुए 96 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर जिले ने पहली रैंकिंग हासिल की है। इसमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष जिले के कुल 23 हजार 852 बच्चों तथा 4264 गर्भवती महिलाओं को टीका लगया गया। इसके तहत कुल 104 प्रतिशत बच्चों और 113 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया गया।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ राजीव कुमार सिंह ने बताया राज्य स्तर पर की टीकाकरण समीक्षा बैठक में जिले को प्रदेश में प्रथम स्थान मिला है। डब्ल्यूएचओ व यूनिसेफ की मानिटरिंग में 96 प्रतिशत बच्चे जिले में पूर्ण पुनरक्षित पाए गए हैं। कार्यक्रम में आगनबाडी कार्यकर्ता, एएनएम व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को लगाया गया था बेहतर कार से प्रदेश में टीकाकरण कार्यक्रम में जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

चार चरणों में चला था अभियान

पहले चरण में 7508 बच्चों का टीकाकरण करने का लक्ष्य था, जिसके सापेक्ष 23852 बच्चों का टीकाकरण हुआ। दूसरा चरण में 5159 के सापेक्ष 5673, तीसरा चरण में 4411 के सोपक्ष 4828 और चौथा चरण में 5482 बच्चों के सापेक्ष 5843 बच्चों का टीकाकरण किया गया। इसी तरह पहले चरण में 1655 गर्भवती महिलाओं के सापेक्ष 1655, दूसरे चरण में 881 के सापेक्ष 1004 तीसरे चरण में 512 के सापेक्ष 671 और चौथे चरण में 721 के सापेक्ष 934 गर्भवती का टीकाकरण किया गया।

टीकाकरण में आशा एएनएम की भूमिका महत्वपूर्ण

कोरोना संक्रमण काल में टीकाकरण में जिले को प्रदेश में प्रथम स्थान पर लाने में आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की भूमिका भी सराहनी है। जनपद में वर्तमान समय में 3200 आशा कार्यकर्ता व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता है। इसके अलावा 700 एएनएम कार्यकर्ता है।

ये लगाए गए टीके

अभियान में टीबी, पोलियो, काली खांसी, टिटनेश, जेई, दिमागी बुखार, निमोनिया, खसरा और पीलिया के टीके शामिल है। इन्हें बच्चे के जन्म लेने, उसके बाद डेढ़, ढाई और साढ़े तीन माह पर टीके लगाए जाते हैं। फिर नौ, 16 एवं 24 माह पर लगाए जाते हैं। इसी तरह गर्भवती महिलाओं को भी टीके लगते हैं।

गर्भवती महिलाओं को भी लगते हैं टीके

डब्लूएचओ के एसएमओ डॉ. उपान्त राव डोगरे का कहना है कि जिले को इस कार्यक्रम के तहत जो भी उपलब्धि मिली है। उसके लिए अभियान में लगे डॉक्टर, एएनएम, आशा एंव आगनबाड़ी कार्यकर्ता व अन्य लोग बधाई के पात्र हैं। इसके लिए जिले की जनता भी बधाई योग्य हैं जिसने जागरूक होकर अभियान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

3318 पारिवार हुए थे चिन्हित

डीएम डॉक्टर आदर्श सिंह की ओर से स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ के सहयोग से 3318 ऐसे परिवारों को चिन्हित कराया गया जो टीकाकरण के प्रति उदासीन थे। सघन मिशन इंद्रधनुष 2.0 कार्यक्रम जो दिसंबर 2019 से मार्च 2020 तक कुल चार चरणों में चला। इस दौरान ब्लाक रिस्पांस टीम का गठन कराते हुए चिन्हित सभी परिवारों के बच्चों का पूर्ण प्रतिरक्षण कराने का अथक प्रयास किया गया।



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