मथुरा में कृष्ण जन्माष्टमी को यादगार बनाने में जुटे देशी-विदेशी भक्त, लार्ड कृष्णा के जन्म को याद कर मुस्कुरा रहे श्रद्धालु

मथुरा. कोरोना की वजह से जहां मंदिरों के पट श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं तो वहीं अजन्मे के जन्म को लेकर आश्रमों और घरों में भी तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी है। हालांकि मंदिरों के अंदर सेवायतों ने विधिवत कार्यक्रम पूर्व की भांति ही होंगे लेकिन मंदिर नहीं जा पाने के कारण अबकी बार आराध्य के जन्म को लेकर घरों और आश्रमों में खास सजावट की जा रही है। जन्माष्टमी को लेकर ब्रजवासियों ही नहीं बल्कि यहां रह रहे विदेशी कृष्ण भक्तों में भी गजब का उत्साह बना हुआ है। वृन्दावन स्थित राधेकुंज आश्रम में पिछले 12 दिनों से अपने आराध्य के जन्म की तैयारियों में विदेशी महिला श्रद्धालु जुटी हैं और इस जन्माष्टमी को यादगार बनाने के लिए भव्य सजावट करने के काम में खुद ही दिन-रात जुटी हुई हैं। कोरोना काल में लॉकडाउन केे दौरान भगवान की भक्ति के साथ ही जरूरतमंदों की मदद करने के काम को बखूबी अंजाम देने वाली कान्हा की ये गोपियां अपने परम आराध्य के जन्मोत्सव को लेकर बेहद खुश नजर आ रही हैं। बुुधवार यानि आज यहां जन्माष्टमी मनाई जाएगी।

आम भक्तों के लिए मंदिर बंद :- कोरोना के केस एक बार फिर जैसे जैसे बढ़ रहे हैं लोगों में इसे लेकर एक अजीब से डर का माहौल है वहीं इसके दृष्टिगत जन्माष्टमी पर भी मंदिरों को 3 दिन बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि वृंदावन के सभी मंदिर तो पहले से ही श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं लेकिन मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पर भी सोमावर दोपहर से श्रद्धालुओं का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इन सब परिस्थितियों के बीच भी ब्रजवासियों में अपने आराध्य श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर गजब की खुशी का माहौल है। विदेशी श्रद्धालु भी इस खुशी से अछूते नहीं हैं।

विदेशी श्रद्धालु मग्न :- वृन्दावन के परिक्रमा मार्ग स्थित राधाकुंज आश्रम में अजन्मे के जन्म को लेकर विदेशी महिला कृष्ण भक्त पिछले करीब 12 दिनों से अपने आराध्य के जन्मोत्सव की खुशी में मंदिर की भव्य सजावट के कार्य को खुद ही अंजाम दे रही हैं। वर्तमान में आश्रम में करीब 250 विदेशी श्रद्धालु हैं जो रसिया, इंग्लैंड, अमेरिका, चाइना, पेरू आदि देशों के रहने वाले हैं और लॉकडाउन के पहले से ही आश्रम में मौजूद हैं।

आश्रम के मंदिर की सजावट :- आश्रम के सेवादार अमृतानंद दास महाराज ने बताया कि आश्रम के मंदिर की सजावट की रूप रेखा इन्ही विदेशी महिला कृष्ण भक्तों द्वारा तैयार की गई और उनके द्वारा की जा रही इस सजावट के लिए दिल्ली से सामान मंगाया गया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में यहां करीब ढाई सौ विदेशी श्रद्धालु रह रहे हैं जो जन्माष्टमी मनाएंगे। उन्होंने बताया कि कोरोना की वजह से इस बार विदेशी भक्तों की संख्या कम है जबकि पिछली जन्माष्टमी पर करीब डेढ़ से दो हजार विदेशी श्रद्धालु आश्रम के कार्यक्रम में शामिल होते थे।

आनंद की अनुभूति :- कान्हा के जन्मोत्सव की तैयारियों में जुटी विदेशी महिला राधा दासी ने बताया कि उन्हें अपने आराध्य के जन्मोत्सव की तैयारी करने और यहां सजावट करने में बहुत खुशी मिल रही है और साथ ही आनंद की अनुभूति भी हो रही है। उनके साथ ही सजावट के इस काम में अन्य विदेशी महिला भक्त लवंगा दासी, कस्तूरी दासी, कमला दासी, कृष्णप्रिया दासी आदि भी उनका पूरा सहयोग कर रही हैं।



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