मिसाल: मुस्लिम महिलाओं ने मनाई जन्माष्टमी, अपने बच्चों को कान्हा बनाकर खिलाया माखन और गाए गीत

मेरठ. अब तक आपने सांप्रदायिक सौहार्द के कई उदाहरण देखें होंगे। हिंदू-मुस्लिमों को एक साथ होली-दिवाली और ईद जैसे पर्व मनाते देखा होगा। लेकिन, यूपी के मेरठ में मुस्लिम भी जन्माष्टमी मनाते हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर यहां मुस्लिम महिलाओं ने झाकियां सजाई, भगवान कृष्ण के गीत भी गाए। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शाहीन परवेज ने जन्माष्टमी के मौेके पर गीत गाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुस्लिम महिलाओं ने अपने बच्चाें काे श्रीकृष्ण वेशभूषा में सजाकर मक्खन खिलाया। उसी रूप में बच्चाें संग बाजार भी निकलीं। शाहीन परवेज ने बताया कि अब समय रूढ़ियाें से ऊपर उठने का है। शिक्षा के प्रसार के साथ सामाजिक साेच में परिवर्तन आ रहा है। वैसे भी राधा-कृष्ण स्नेह-प्रेम की प्रतिमूर्ति हैं। हम भी बच्चाें संग श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आनंद ले रहे हैं।

बता दें कि इस साल कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार 11-12 अगस्त को मनाया जा रहा है। आज यानी 12 अगस्त को कृतिका नक्षत्र लगेगा। जबकि चंद्रमा मेष और सूर्य राशि में संचार करेंगे। कृतिका नक्षत्र और राशियों की स्थिति के कारण वृद्धि योग बन रहा है। दरअसल, माना जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद यानी कि भादो माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। ऐसे में अगर कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को देखा जाए तो जन्माष्टमी 11 अगस्त की होनी चाहिए, लेकिन अगर रोहिणी नक्षत्र की मानें तो फिर 12 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जानी चाहिए। ऐसे में मथुरा में जन्माष्टमी 12 अगस्त को मनाई जा रही है। मेरठ में 11 अगस्त को भी जन्माष्टमी मनाई गई, जिसमें रात्रि 12 बजे लोगों ने पूजा-पाठ कर भगवान श्रीकृष्ण का भोग लगाया और जन्मोत्सव मनाया।

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