प्रधान प्रतिनिधि को मारी गोली, हालत नाजुक, पिछले साल भी हुआ था हमला, नदी में कूदकर बचायी थी जान

फतेहपुर. खखरेरू थानाक्षेत्र के कोट गांव में दशकों से चला आ रहा खूनी खेल थमने का नाम नहीं ले रहा। इससे तीसरी पीढ़ी के नौजवान भी अब एक-दूसरे की जान के दुश्मन बने हैं। खूनी संघर्ष में प्रधान पद की सियासत आग में घी का काम कर रही है। प्रधानी की रंजिश में प्रधान पुत्र को दिन दहाड़े गांव में बने बस स्टाप के नज़दीक गोली मार दी गई, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित के भाई के मुताबिक पिछले साल भी जानलेवा हमला हुआ था। तब नदी में कूदकर जान बचानी पड़ी थी।

 

प्रभारी निरीक्षक खखरेरू नागेन्द्र कुमार नागर ने बताया कि कोट गांव निवासी मो. मुसर्रत अली 36 वर्ष वर्तमान में प्रधान प्रतिनिधि हैं। उनकी मां ग्राम प्रधान है। उन्होंने ने बताया कि बस स्टाप के नज़दीक हमलावरों से उसकी किसी बात को लेकर बहस हो गई और इसी बीच अचानक गोली चला दी। गोली युवक के दाहिनी बांह में लगी।

 

उन्होंने बताया कि गांव में हर षष्ठी का मेला लगा था। मेला को लेकर पुलिस गांव मौजूद थीं। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा, जहां से कानपुर के लिए रिफर कर दिया गया है। एसएचओ ने बताया कि फिलहाल घटना की कोई तहरीर नहीं मिली। पुलिस जांच कर रही है।

 

जिला अस्पताल में उपचार के दौरान साथ आये छोटे भाई नुसरत अली ने बताया कि उनकी मां प्रधान है और भाई पूरा काम देखते हैं। हमला करने वाले चुनाव को लेकर और अधिक रंजिश मानने लगे हैं।

 

उसने बताया की भाई मुसर्रत रविवार दो बजे के लगभग गांव में लगे मेला का जायजा लेने जा रहे थे, तभी प्रधानी की पुरानी zeeकी रंजिश में कई लोगों ने घेर कर गोली मार दिया। पुलिस के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले साल भी उनकी गोली मार कर हत्या का प्रयास किया गया था, लेकिन भाई ने नदी में कूद कर जान बचाई थी। इसका पुलिस में मुकदमा दर्ज हुआ, जिसमें पुलिस ने बाद में एफआर लगा दिया था। उसका आरोप है कि पुलिस ने उसमें सही काम करते हुए कार्रवाई की होती तो शायद आज यह घटना नहीं होती।

By Rajesh Singh



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