गौतमबुद्धनगर पुलिस आयुक्त आलोक सिंह को असाधारण सेवा के लिए उत्कृष्ट सेवा पदक

गौतमबुद्धनगर। पुलिस आयुक्त ( Noida Police Commissioner ) आलोक सिंह को असाधारण सेवा के लिए उत्कृष्ट सेवा पदक प्रदान किया गया है। मूलरूप से अलीगढ़ के रहने वाले आलाेक सिंह 1995 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं। उन्हे यह सम्मान गृह मंत्रालय से प्रदान किया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस मुखिया डीजीपी उन्हे सिल्वर और गोल्ड मैडल से पहले ही नवाज चुके हैं।

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आलाेक सिंह ( Alok Singh ) की प्रथम नियुक्ति बताैर सहारनपुर एसएसपी ( ssp saharanpur ) के पद पर हुई थी। पहली ही नियुक्ति में उन्हाेंने थाना सरसाव में मुठभेड (encounter) के दौरान आतंकियों ( Terrorist ) को पकड़ा था। इसके अलावा सोनभद्र जिले में नक्सल क्षेत्रों में असाधारण क्षमता का परिचय देते हुए तीन नक्सलवादियों ( Naxalite ) को मार गिराया गया था। इस कार्य के लिए आलोक सिंह को राष्ट्रपति वीरता पदक ( gallantry medal ) से भी सम्मानित किया गया था।

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अयोध्या प्रकरण ( Ayodhya mandir ) पर फैसला आने के बाद मेरठ में आईजी ( IG Meerut Zone ) रहते हुये इन्होंने दोनों पक्षों के बीच सामन्जस्य बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आलोक सिंह ने आईजी कानपुर रहते हुये अपराधियों के विरूद्ध विशेष अभियान चलाया तब कई अपराधी पुराने मामलों में अपनी जमानत रद्द करवाकर जेल चले गये थे। मेरठ एसएसपी ( SSP Meerut ) रहते हुये भी उन्हाेंने हाजी इजलाल जैसे गैंगस्टर और माफियाओं पर कार्रवाई कराई थी। इस कार्रवाई के बाद से हाजी इजलाल अभी भी जेल में निरूद्ध हैं।

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आलोक सिंह गौतमबुद्धनगर में पुलिस आयुक्त बनने से पहले मेरठ रेंज के आइजी थे। जनवरी माह में उत्तर प्रदेश में पहली बार लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में पुलिस आयुक्त बनाने का निर्णय हुआ। इसी दाैरान आलोक सिंह को गौतमबुद्धनगर का पहला पुलिस आयुक्त बनाया गया।



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