यूपी में सीरो सर्वे शुरू होने से पहले ही लगा कोरोना का ग्रहण, जिन अफसरों पर थी जिम्मेदारी वहीं हो गए संक्रिमत

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोरोना के सामुदायिक संक्रमण (कम्युनिटी स्प्रेड) का पता लगाने के लिए शुरू होने वाले सीरो सर्वे पर ही कोरोना संक्रमण का ग्रहण लग गया है। यूपी के 11 जिलों में सीरो सर्वे का काम शुरू होना था, लेकिन जिन अफसरों पर सर्वे कराने की जिम्मेदारी थी, उन्हीं के कोरोना संक्रिमत पाए जाने के कारण फिलहाल यह काम शुरू नहीं हो सका है। यूपी के 11 जिलों में सीरो सर्वे का काम किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) लखनऊ के निर्देशन में शुक्रवार से शुरू होना था, लेकिन यहां के माइक्रोबायोलाजी विभाग की हेड प्रो.अमिता जैन कोरोना पॉजिटिव होने के बाद अपना इलाज करा रही हैं। उनके स्वस्थ होकर वापस लौटने पर ही माइक्रोबायोलाजी विभाग सर्वे का काम शुरू कर पाएगा।

बता दें कि केजीएमयू में कुलपति समेत कई डॉक्टर भी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इसी तरह लखनऊ के सीएमओ डॉ.आरपी सिंह के कोरोना पॉजिटिव होने के कारण यहां सर्वे का काम आगे टाल दिया गया है। लखनऊ के एडीशनल सीएमओ डॉ.ए.राजा और डिप्टी सीएमओ डॉ.वाईके सिंह भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। आगरा में भी सीएमओ कार्यालय के तीन कर्मी कोरोना संक्रमित हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ.डीएस नेगी का कहना है कि फिलहाल सीरो सर्वे का काम आगे टाल दिया गया है। वहीं केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ.सुधीर सिंह के अनुसार माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा इस सर्वे का काम किया जाएगा, लेकिन विभागाध्यक्ष के स्वस्थ होकर वापस लौटने पर ही अब सर्वे की तारीख तय की जाएगी। राज्य सरकार ने लखनऊ, कानपुर, मुरादाबाद, मेरठ, कौशांबी, वाराणसी, आगरा, प्रयागराज, गोरखपुर, बागपत व गाजियाबाद सहित 11 जिलों में सीरो सर्वे करने का फैसला लिया है।

कोरोना के सामुदायिक संक्रमण का पता लगाने के लिए सीरो सर्वे के साथ हेपेटाइटिस-बी व हेपेटाइटिस-सी की भी जांच की जाएगी। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ.डीएस नेगी की ओर से सभी जिलों को सीरो सर्वे का काम शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। इस सर्वे में करीब 20 हजार लोगों के खून के नमूने लिए जाएंगे। इससे कोरोना एंटीबाडी, हेपेटाइटिस 'बी' व 'सी' की भी जांच होगी। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) लखनऊ के निर्देशन में 11 जिलों में सीरो सर्वे होगा। केजीएमयू सभी जिलों के जिला प्रशासन की सर्वे में मदद करेगा।

दरअसल, सीरो सर्वे से यह पता लगाने में मदद होती है कि किस अनुपात में आबादी कोरोना वायरस से संक्रमित हुई है। सीरो सर्वे में किसी क्षेत्र में रहने वाले कई लोगों के सीरम की जांच होती है। लोगों के शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने के एंटीबाडी मौजूद हैं या नहीं, इसका भी पता चलता है। साथ ही इसकी भी जानकारी होती है कि कौन व्यक्ति कब संक्रमित हुआ और कब ठीक हो गया। यूपी में अभी तक दो लाख से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। अगस्त में कोरोना वायरस का संक्रमण तेज हुआ है। ऐसे में सीरो सर्वे के नतीजों के अनुसार इस पर काबू पाने में आसानी हो सकेगी।



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