लखनऊ से एक गलत कमांड ने जन्माष्टमी पर कर दिया लाखों घरों मे अंधेरा

मेरठ. स्मार्ट मीटर में कमीशनबाजी के चलते लाखों घरों में कृष्ण जन्माष्टमी पर अंधेरा छा गया। बड़े-बड़े दावे किए गए थे कि बिल समय से नहीं जमा हुआ तो एक बटन बंद करने से मीटर बंद हो जाएगा, लेकिन सॉफ़्टवेयर में एक कमी से मेरठ समेत पूरे प्रदेश के लाखों घरों के मीटर अपने आप बंद हो गए। सॉफ्टवेयर की कमी पीवीवीएनल के काबिल अधिकारीघंटों तक तलाशते रहे। इसके चलते मेरठ के कई बिजलीघरों में लोगों ने जमकर हंगामा किया। लोगों ने पूरी रात बिना बिजली के ही काटी। सुबह करीब पांच बजे बिजली आ सकी।

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निर्बाध 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे जन्माष्टमी के मौके पर पूरी तरह से ध्वस्त हो गए। नगर के कई इलाकों की बिजली गायब होने से लोगों ने बिजली किल्लत से क्षुब्ध होकर बिजली घरों पर धावा बोल दिया। उग्र लोगों ने हंगामा करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को उग्र होता देख एसडीओ ने भाग निकलने में ही भलाई समझी। इस दौरान लोगों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। बिजली कर्मियों के तुरंत कार्रवाई के आश्वासन पर लोग शांत हुए और वापस लौट गए। रंगोली बिजली घर पर सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और पुरूष जमा थे। ऐसे समय में जब लोगों को अपने घर कृष्ण जन्माष्टमी मनाने की तैयारी करनी थी। घरों में अंधेरा होने के कारण बिजली घर पर धरना दे रहे थे।

मेरठ के कई इलाकों में बुधवार शाम को अचानक से बिजली चली गई। यह हाल सिर्फ मेरठ के इलाकों का ही नहीं सूबे के अन्य जिलों का भी हुआ। लखनऊ में एक गलती से लाखों के घरों में अंधेरा छा गया। जिसके चलते शास्त्रीनगर के आक्रोशित लोग रंगोली बिजली घर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। लोगों ने बताया कि बुधवार शाम से उनके घर की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार विद्युत कर्मियों से शिकायत करने पर भी समस्या का निस्तारण नहीं किया गया। लोगों का आरोप है कि संबंधित जेई से जब मामले की शिकायत की गई, तो उसने भी ठीक तरह से कोई जवाब नहीं दिया। हालांकि सुबह करीब पांच बजे बिजली आई तो लोगों ने राहत की सांस ली।

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