बाहुबली अतीक अहमद के साढ़ू इमरान को राहत, कोर्ट ने उत्पीडनात्मक कार्रवाई पर लगाई रोक

प्रयागराज. बाहुबली अतीक अहमद के साढ़ू इमरान के खिलाफ उत्पीडनात्मक कार्रवाई पर इलाहाबाद हाइकोर्टने रोक लगा दी है। कोर्ट ने इमरान की अग्रिम जमानत को लेकर राज्य सरकार से जानकारी भी मांगी है। न्यायमूर्ति सिद्घार्थ वर्मा ने इमरान की अग्रिम जमानत पर सुनवाई करते हुए उसके खिलाफ उत्पीडनात्मक कार्रवाई पर न करने का निर्देश भी दिया है। इमरान पर आरोप है कि उसने खालिद जैद का धूमनगंज से अपहरण कर उससे लूटपाट की और उसे देवरिया जेल में बंद बाहुबली अतीक अहमद के पास ले जाया गया, जहां उसकी पिटाई कर जान से मारने की धमकी दी गई।

 

याची इमरान का दावा है कि उसपर व्यापारी जैद खालिद को अगवा कर अतीक अहमद के पास देवरिया जेल ले जाने और वहां उसके साथ मारपीट का जो आरोप लगाया गया है वह सरासर गलत है। याची का दावा है कि घटना के दिन वह इलाहाबाद में एक विवाह में शामिल हुए थे। यह भी दावा किया है कि वह कभी देवरिया जेल गए ही नहीं। यहां तक की जेल के मुलाकाती रजिस्टर में उनका नाम भी दर्ज नहीं है। याची का आरोप है कि देवरिया जेलर की ओर से उसके जेल में मौजूद होने की गलत जानकारी दी गई है। याची का कहना है कि इस मामले में एक अन्य अभियुक्त को जमानत मिल चुकी है। याची की ओर से दी गई दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने सरकारी वकील से एक हलफनमा दाखिल कर यह बताने को कहा है कि क्या देवरिया जेलर ने गलत जानकारी दी। यदि ऐसा हुआ है तो जेलर के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इसके अलावा कोर्ट ने साथ ही यह भी जोड़ा है कि अगर वादी मुकदमा जैद खालिद की ओर से याची के घटना में शामिल होने को लेकर गलत जानकारी दी गई तो उसके खिलाफ भी क्या कार्रवाई की गई। याची जो दावा कर रहा है वह सही है या नहीं इसके लिये कोर्ट ने अभियोजन को घटना की तारीख का जेल का सीसीटीवी फुटेज रिकार्डिंग देखने का भी निर्देश दिया है। जवाब दाखिल किये जाने तक न्यायालय ने याची इमरान के खिलाफ उत्पीडनात्मक कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है।



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