डायल 112 की गंभीरता तारीफ के कबिल, सुनेंगे कारनामा तो कहेंगे हद कर दी

हमीरपुर. डायल 112 की गंभीरता तारीफ के कबिल है। पारिवारिक विवाद की शिकायत दर्ज करने जा रहे बहन, भाई और बहन के दो बच्चे। रात का अंधेरा था, चारों तरफ जंगल था, इसी बीच डायल 112 आई और साथ चल रहे भाई को उठाकर चलती बनी। और उस अंधेरी रात और घने जंगल में महिला और उसके दो बच्चों वहीं छोड़ दिया। एक राहगीर ने मामले की गंभीरता देखते हुए थाने में फोन से सूचना दी, तब थाने पुलिस पहुंची।

मामला पारिवारिक विवाद का था। जिसमें दोनों पक्षों ने डायल 112 को फोन किया। जब कुछ देर पुलिस नहीं पहुंची तो महिला अपने दो मासूम बच्चों को लेकर अपने भाई के साथ पैदल ही थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए निकल पड़ी। गांव से थाने की दूरी लगभग 15 किमी है। रास्ते मिली डायल 112 की पुलिस ने रात के अंधेरे में महिला के भाई को उठाकर थाने ले आई लेकिन महिला और बच्चों को वहीं छोड़ दिया।

इसके बाद महिला असहाय होकर बच्चों को लेकर रास्ते मे ही बैठ गयी। वहां से निकलने वाले राहगीर से मदद मांगी। जिसपर एक राहगीर ने थाने में फोन किया, जिसके बाद थाने से महिला पुलिस के साथ पुलिस फोर्स दलबल के साथ मौके पर पहुंचा और महिला को थाने ले आया।

दरअसल मामला हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र का है। मुंडेरा गांव की मीरा साहू का अपने पति से परिवारिक विवाद चल रहा था। इसी विवाद में राजीनामा करवाने के लिये मीरा का भाई रामहेत मुंडेरा गांव गया था, जहां मीरा के पति राम किशोर ने साले रामहेत को कमरे में बंद कर के बुरी तरह पीटा था। किसी तरह उनके चंगुल से छूट कर रामहेत बहन मीरा और दो बच्चों के साथ सुमेरपुर थाने शिकायत करने जा रहा था कि तभी रास्ते मे डायल 112 पुलिस रामहेत को पकड़ कर थाने ले गयी और बहन दो छोटे छोटे बच्चों सहित सड़क में ही रह गयी। रात 8 बजे समय सड़क में दो छोटे बच्चों सहित महिला को बैठे देख कर सड़क से गुजर रहे राहगीरों ने देखा, महिला के मदद मांगने पर पुलिस को फोन किया तब बहुत देर बाद पुलिस ने महिला को लेकर थाने पहुंची और उसकी शिकायत दर्ज की गई।



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