कोरोना सामग्री खरीद में घोटाले का आरोप, 115 ग्राम पंचायतों से निकाली गई अधिक धनराशि, जानें पूरा मामला

बाराबंकी. जिले की ग्राम पंचायतो में कोरोना की सामग्री खरीदने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों ने आवश्यकता से अधिक धनराशि निकाल ली और प्रधानों को इसकी जानकारी भी नहीं होने दी। जिम्मेदार अधिकारी 2800 रुपये की खरीददारी की बार कहते हैं मगर खाते से 11 हजार से ज्यादा की रकम निकाली गई है। इस पर सभी चुप्पी साध लेते हैं। यह पूरा मामला बाराबंकी जिले से सामने आया है।

प्रधान के खाते से निकले पैसे

बाराबंकी में कोविड 19 की रोकथाम के लिए जो सामग्री की खरीद की गयी और उसमें जो बंदरबांट की गई उसकी परते अब धीरे-धीरे खुलती जा रही है। अगर आंकड़ों और प्रधानों की बात को सही मानें तो ग्राम पंचायतों में जिस प्रकार से खरीद हुई उसके बाद अधिकारियों ने बड़ी धनराशि का बंदरबांट किया है। वरना क्या कारण था कि प्रधानों से पंचायत के खाते से पैसा निकाल लिया गया और उन्हें कितनी धनराशि खर्च हुई इसकी भनक भी नहीं लगने दी। आंकड़ों पर नजर डाले तो 115 से ज्यादा ग्राम पंचायतों के खाते से जो रकम निकाली गयी उससे सन्देह पैदा होता है। ग्राम प्रधानों ने यह भी बताया कि जबसे डोंगल के माध्यम से पैसा निकाला जाने लगा है तबसे उन्हें पता ही नहीं होता और अधिकारी इसका लाभ लेते हैं। कहीं-कहीं ग्राम प्रधान अनपढ़ भी होते हैं जो सीधे अधिकारियों पर ही आश्रित होते हैं ।

नहीं मालूम सामान की कीमत

विकासखंड देवा के अजगना गांव के प्रधान ओम प्रकाश ने बताया कि पंचायतों को ये सामान खरीदने का अधिकार नहीं था और न खरीदने दिया गया। हां उन्हें कुछ सामान अवश्य मिला था जो ग्राम वासियों में उनके द्वारा बांट दिया गया। सामान बंट जाने के बाद एडीओ पंचायत और ग्राम सचिव ने बताया कि उन्हें 11720 रुपया अपने पंचायत के खाते से देना है और डोंगल लगा कर उस धनराशि को निकाल लिया गया। दिए गए समान की कीमत क्या है यह उन्हें नहीं बताई गई। सिर्फ कुल धनराशि का हवाला देकर पैसे निकाल लिए गए और एक बिल पर हस्ताक्षर करवा लिए गए। इसी गांव में लोगों का टेम्परेचर चेक कर रही आशा बहू अंजना वर्मा ने बताया कि वह घर-घर जाकर लोगों के टेम्परेचर चेक कर रही है और उनके यहां अब तक कोई मरीज नहीं मिला है। उन्हें टेम्परेचर चेक करने की मशीन और पल्स चेक करने की मशीन दी गयी है और वह अपना काम पूरी निष्ठा के साथ कर रही हैं।

अधिकारी का बोलने से इनकार

हद तो तब हो गयी जब हम इस कथित घोटाले की जानकारी लेने बाराबंकी के डीपीआरओ रणविजय सिंह के पास पहुंचे। डीपीआरओ ने इस पर किसी प्रकार की जानकारी देने से इनकार कर दिया। बहुत कुरेदे जाने पर उन्होंने बताया कि समस्त ग्राम पंचायतों में 2800 रुपये की कोरोना की रोकथाम हेतु सामग्री क्रय की गई है और सभी पंचायतों को खरीदे गए सामान उपलब्ध भी करवाये गए हैं। 2800 रुपये की धनराशि ग्राम पंचायतों के खातों से ग्राम प्रधान के सहयोग से निकाली गई है। इसमें अलग से कोई बजट नहीं आया था।



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