कांग्रेसियों का दावा, 14 करोड को नौकरी देने का वादा कर 10 करोड़ लोगों के रोजगार छीनें

मेरठ। राष्ट्रीय बेरोजगारी दिवस के मौके पर आज कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम कार्यालय पर पहुंचा। जहां पर उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन एसीएम द्वितीय के माध्यम से भेजा। ज्ञापन में तीन मांगे थी जिनमें एक बेरोजगारी को लेकर था और दूसरा किसानों के खिलाफ केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे 3 अध्यादेशों के खिलाफ था। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और संविधान बचाओ मंच के संयोजक अभिमन्यु त्यागी ने कहा कि 2014 से भाजपा की सरकार केंद्र की सत्ता में स्थापित हुई है। केंद्र सरकार ने हर वर्ष 2 करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा किया था। इन सात साल में अब तक 14 करोड बेरोजगारों को नौकरी मिलती लेकिन केंद्र सरकार की उदासीन नीति के चलते देश में बेरोजगार नौजवानों का आंकड़ा बढ रहा है। लॉक डाउन के दौरान ही देश में 10 करोड़ से ज्यादा नौकरियां चली गई हैं।


यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण न करते हुए निजी कंपनी के उच्च पदस्थ अधिकारियों को भारत सरकार के विभिन्न खाते में सचिव, सहसचिव बनाकर आईएएस समकक्ष दर्जा दिया गया है। डिजीटल इंडिया, कौशल विकास योजना, स्टार्टअप योजना जैसे माध्यम से स्वयं रोजगार की नीति घोषित की थीl पर यह सारी योजना विफल हुई है। पढ़े लिखे नौजवानों को रोजगार न मिलने से उनमें निराशा होकर अवसाद बढा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बढती बेरोजगारी जैसे समस्या की ओर पूर्णत अनदेखी कर रहा है। सभी क्षेत्र के सरकारी नौकरियों पर पाबंदी लाई गई है। केंद्र सरकार के विभिन्न खातों में 10 लाख से अधिक पद रिक्त है। केंद्र सरकार विकास के नाम पर सडके बनाना, मंदिर बनाना, बड़े बड़े पुतले निर्माण में करोड़ों खर्च कर अपनी प्रशंसा खुद ही कर रही है।

ज्ञापन देने वालों में अभिमन्यु त्यागी संयोजक संविधान बचाओ मंच, दीपक शर्मा, शशिकांत गौतम (जाटव) सचिव , शिखांश मलिक, मनीष त्यागी, विश्वास त्यागी, सागर रस्तोगी, मंगल पाण्डेय , गौरव गौतम जाटव, मयंक त्यागी, राजीव नागर, इकबाल अहमद, कृष्ण गोस्वामी , राहुल पाल, सौरभ प्रजापति , राहुल जाटव, रिंकू जाटव, शोभित त्यागी, मयंक शर्मा, शिवा कौल आदि शामिल रहे।



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