यूपी पंचायत चुनाव 2020, इस बार यूपी की ये ग्राम सभाएं हो जाएंगी गुम, उम्मीवदारों के लिए बड़ा झटका

लखनऊ. UP Panchayat Election 2020: प्रदेश में होने जा रहे त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। चुनाव आयोग की ओर से पंचायत चुनाव की मतदाता सूची तैयार करने के निर्देश के क्रम में भी काम शुरू हो गया है। हालांकि इस समय सबसे बड़ा काम परिसीमन का बचा है। पिछले साल प्रदेश के 33 जिलों में ग्राम सभाओं के नगर निगम में शामिल होने के बाद से अब तक नया परिसीमन जारी नहीं हुआ है। परिसीमन के बाद ही ग्राम पंचायतों की वास्तवित स्थिति की जानकारी हो सकेगी। परिसीमन के बाद यूपी की कई ग्राम सभाएं गुम हो जाएंगी। यानी यहां के उम्मीदवारों को बड़ा झटका लगेगा। अब तक परिसीमन के लिए शासकीय पत्र का इंतजार हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक अक्तूबर से परिसीमन का काम शुरू भी हो सकता है।

शहरी क्षेत्र में शामिल हुईं 680 पंचायतें

प्रदेश में होने जा रहे त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आंशिक परिसीमन पर पंचायतीराज निदेशालय की ओर से राज्य निर्वाचन आयोग को अभी तक 680 पंचायतों के आंशिक रूप से शहरी क्षेत्र में शामिल होने की सूचना दी गई है। इन 680 पंचायतों में जो वार्ड शहरी क्षेत्र में शामिल हो गये हैं, उन्हें घटाकर बाकी बची पंचायत के वार्डों का नये सिरे से निर्धारण किया जाना है। यह पूरा ब्योरा राज्य निर्वाचन आयोग को 30 सितम्बर तक दिया जाना जरूरी है क्योंकि पहली अक्टूबर से होने जा रहे वोटर लिस्ट पुनरीक्षण के लिए बूथ लेबल ऑफिसर इसी ब्योरे के आधार पर पंचायतों में घर-घर जाकर वोटरों का विवरण संकलित करेंगे। निदेशालय के संबंधित अधिकारियों को इस ब्यौरे को जल्द से जल्द तैयार कर के राज्य निर्वाचन आयोग को भेजे जाने के निर्देश दिये गये हैं।


कई ग्राम सभाओं में बचे तीन से चार मजरे

हालांकि नगर निगम सीमा में गांवों के शामिल होने के बाद तमाम ग्राम सभाएं ऐसी बची हैं जहां तीन से चार मजरे बचे हैं। ऐसे में इन्हें दूसरी ग्राम सभा में शामिल करना होगा। राजस्व गांवों की वास्तवित स्थिति और गणना का काम अक्तूबर से शुरू हो जाएगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार निर्देश के बाद पंचायतीराज निदेशालय में आंशिक रूप से शहरी क्षेत्र में शामिल की गयी पंचायतों का ब्योरा संकलित करवाने के काम ने तेजी पकड़ ली है।



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