साहब...दरोगा जी काम करने के बदले मांग रहे 30 हजार, कहते-कहते फरियादी ने खा लिया जहर, आनन-में एडीएम लेकर पहुंचे अस्पताल

बाराबंकी. उस समय हड़कंप मच गया, जब कलेक्ट्रेट में स्थित एडीएम कार्यालय पर पहुंचे एक फरियादी ने जहर खा लिया। जानकारी होने पर आनन-फानन में एडीएम फरियादी को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां उसका इलाज चल रहा है। जनकारी के मुताबिक फरियादी अपनी संपत्ति विवाद के चलते पिछले कई दिनों से जगह-जगह लोगों के पास चक्कर लगा रहा था, लेकिन उसे कहीं से मदद नहीं मिल रही थी। पुलिस उससे पैसे मांग रही थी। आज वह मदद मांगने के लिए ही एडीएम कार्यालय आया था, जहां उसने जहर खा लिया।

मदद न मिलने से था परेशान

पूरा मामला फतेहपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से जुड़े फरियादी विक्रम से जुड़ा है। जो संपत्ति विवाद के चलते बीते कई दिनों से परेशान था और जगह-जगह अधिकारियों के पास मदद की गुहार लगा रहा था। लेकिन उसकी कहीं से कोई मदद नहीं हो रही थी। पीड़ित के मुताबिक कुछ दिनों पहले उसे सर्वेश, मायाराम, रमेश और संजय वर्मा ने मारा और थाने पर शिकायत करने पर भी कोई पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस कार्रवाई के लिए पैसे मांग रही थी। विक्रम ने बताया कि दरोगा के पास जब वह शिकायत लेकर गया तो उससे कहा गया कि विरोधियों ने उसे पचास हजार रुपए दिये हैं, तुम 30 हजार रुपए दे दो। तो तुम्हारा काम कर दिया जाएगा।

पुलिस पर घूस मांगने का आरोप

पीड़ित फरियादी ने विक्रम बताया कि उसके घर से निकलने का रास्ता बंद कर दिया गया है। साथ ही आए दिन विरोधी उसे मारते पीटते हैं। विक्रम के मुताबिक थाने में शिकायत करने पर उससे पैसों की मांग की गई। दरोगा ने उससे कहा कि उसके विरोधियों 50 हजार रुपए दिये हैं, उगर तुम तीस हजार रुपये दे दोगे तो तुम्हारा काम भी कर देंगे। इन सब बातों से वह परेशान हो चुका था। जिसके चलते उसने जहरीला पदार्थ खा लिया है।

कराया जा रहा इलाज

बाराबंकी के एडीएम संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि विक्रम नाम के फरियादी के जहरीला पदार्थ खाने की सूचना मिली थी। जिसके बाद उसे तुरंत जिला अस्पताल लाया गया। फरियादी ने ने बताया कि उसके मकान के आगे कुछ लोगों ने दीवार खड़ी कर दी है और उसका मुकदमा भी चल रहा है। शिकायत की जांच कराई जा रही है। एडीएम ने बताया कि पहले फरियादी का उचित इलाज हो जाए और वह ठीक हो जाए। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



Advertisement