55 तरह के लाइसेंस का खत्म होगा प्रावधान, नहीं भरने पड़ेंगे ज्यादा फॉर्म

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अब कारोबार शुरू करने के लिए ज्यादा लाइसेंस की जरूरत नहीं पड़ेगी और न ही इसके लिए अलग से फॉर्म भरने की जरूरत होगी। कम आवेदन पत्र और वह भी ऑनलाइन। जल्द ही इस तरह की व्यवस्था यूपी में होने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वर्तमान में अपेक्षित 43 लाइसेंस / अनापत्ति प्रमाण पत्रों को घटाकर लगभग 21 की संख्या तक कम किया जाएगा। इसके लिए पर्यावरण विभाग, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, श्रम विभाग व खाद्य एवं रसद (बाट एवं माप) विभाग तैयारी में जुट गए हैं।

श्रमिक एक्ट में पंजीकरण

भवन के निर्माण या अन्य किसी भी तरह के निर्माण के लिए श्रमिक एक्ट में पंजीकरण करवाना होता है मगर अब इन तीनों को एक में कराने की तैयारी है। खाद्य सुरक्षा और औषधी प्रशासन के तहत ड्रग विक्रय लाइसेंस, एलोपैथिक दवा निर्माण के लिए फार्म-25 भरना पड़ता है। ऐलोपैथिक दवा निर्माण के लिए लोन लेने का अलग फार्म 25 ए है। इसी रिपैकिंग लाइसेंस के लिए फार्म-25 बी है और वैक्सीन निर्माण के लिए फार्म-28 है। बता दें कि इस तरह के चार और आवेदन पत्र हैं। इन सबको को मिलाकर एक आवेदन को रिटेल ड्रग, होलसेल ड्रग मैन्यूफैक्चरिंग लाइसेंस के आवेदन में समाहित करने की तैयारी है।

ये भी पढ़ें: आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 24 की मौत, सीएम ने जताया दुख, चार-चार लाख सहायता पहुंचाने का दिया आदेश



Advertisement