कुपोषण के खात्मे के लिए डोर टू डोर चलेगा पोषण अभियान, 7 सितम्बर से होगी शुरुआत

बाराबंकी. कुपोषण को जड़ से मिटाने के लिए प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी पोषण माह मनाया जायेगा। इसके तहत अधिकारियों को सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इस वर्ष पोषण माह दो मुख्य उद्देश्य पर आधारित है। पहला अति कुपोषित बच्चों को चिन्हित तथा उनकी मॉनिटरिंग और दूसरा किचन गार्डन को बढ़ावा देने के लिए पौधरोपण अभियान चलाना। इसके साथ ही इस दौरान कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का भी पूरी तरह से ध्यान रखना है। कार्यक्रम का शुभारम्भ पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मृत्यु पर राष्ट्रीय शोक होने के कारण नहीं हो सका। अब कार्यक्रम की शुरुआत 7 सितम्बर से होगी।

जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश कुमार ने बताया शासन द्वारा पोषण माह मनाए जाने के निर्देश दिए जा चुके है। यहकार्यक्रम एक सितंबर से शुरू होना था। पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन के चलते 6 दिन के राष्ट्रीय शोक रहेगा। अब यह कार्यक्रम 7 सितम्बर से शुरू होगा। पोषण अभियान की तैयारी पूरी कर ली गई है। कोविड 19 गाइडलाइन के तहत उक्त अभियान डोर टू डोर चलाया जाएगा। इसमें बच्चों किशोरियों व महिलाओं में कुपोषण की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। बच्चों को साबुन से हाथ धुलने,बालों व नाखूनों की सफाई, रसोईघर, बर्तन व खाद्य सामग्री की साफ सफाई के बारे में बताया जाएगा। उन्होने बताया कार्यक्रमों के सफल आयोजनों के लिए सभी सीडीपीओ, सुपरवाइज़रों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को निर्देश दिए गए हैं। पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में व्याप्त रोग एवं मृत्यु दर का प्रमुख कारण कुपोषण है। अति कुपोषित (सैम) बच्चों का शीघ्र चिन्हांकन एवं संदर्भन कुपोषण की जटिलताओं को कम करता है। इसलिए पोषण माह 2020 का एक मुख्य उद्देश्य सैम बच्चों को शीघ्र चिन्हांकन एवं सन्दर्भन है, जिसे अभियान के रूप में चलाया जाएगा। फल एवं सब्जियां सूक्ष्य पोषक तत्व के महत्वपूर्ण स्रोत हैं और इन पोषक तत्वों को नियमित आहार में सम्मिलित करना अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। अभियान के दौरान शिक्षा विभाग के माध्यम से पोषण विषय पर ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित की जाएंगी। डिजिटल पोषण पंचायत आयोजित की जाएंगी। पोषण से संबंधित विभागों के माध्यम से वेबिनार आयोजित होगी।

पोषण माह में होंगे विभिन्न कार्यक्रम

पहले दिन वजन दिवस, दूसरे दिन सुपोषण दिवस, तीसरे दिन पोषण वाटिका, सुदृढ़ीकरण सुपोषण स्वास्थ्य मेला, बचपन दिवस, जिला स्तरीय बैठक परिवार के सभी सदस्यों को सुपोषण की शपथ दिलाई जाएगी। किशोरी दिवस, पोषण फेरी व रेसिपी प्रदर्शन, ऊपरी आहार चर्चा, किशोरी प्रभात फेरी रैली, बाल सुपोषण कार्यक्रम, जागरूकता कार्यक्रम, ममता दिवस, प्रभात फेरी, अति कुपोषित बच्चों की जांच वजन व पौष्टिक आहार दिया जाएगा। सुपोषण गूंज कार्यक्रम, अन्नप्राशन, पोषण वाटिका, नवविवाहिताओं की खून की जांच, लाडली दिवस, सुपोषण झांकी, प्रस्तुतीकरण, अति कुपोषित बच्चों का इलाज, गर्भवतियों की गोद भराई होंगे।

डीपीओ ने बताया कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत गृह मंत्रालय भारत सरकार एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देश के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग, स्वच्छता, सैनिटाइजेशन आदि नियमों का पालन किया जाएगा। गर्भवती महिलाएं एवं 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे घर पर ही रहें।



Advertisement