उत्तर बिहार के लोगों का 90 साल पुराना सपना हुआ सच, कोसी महासेतु का पीएम मोदी इसी महीने करेंगे उद्घाटन

दरभंगा एयरपोर्ट के बाद उत्तर बिहार के लोगों को जल्द ही एक और तोहफा मिलने वाला है. कोसी नदी पर बने महासेतु का उद्घाटन पीएम मोदी 18 सितम्बर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कर सकते हैं. ये महासेतु अब पूरी तरह से बन कर तैयार है. ट्रेनों का परिचालन शुरू करने के लिए ट्रायल भी हो चुका है. इस पुल का शिलान्यास 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था. इस पुल पर रेल सेवा शुरू होते ही उत्तर बिहार के लोगों का 90 साल पुराना सपना पूरा हो जाएगा.

इस रेल पुल के शुरू होते ही निर्मली से सरायगढ़ की जो दूरी 298 किलोमीटर है वो दूरी घटकर महज 22 किलोमीटर रह जाएगी. अभी निर्मली से सरायगढ़ तक के सफर के लिए लोगों को दरभंगा-समस्तीपुर-खगड़िया-मानसी-सहरसा होते हुए 298 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है. इस पुल को 516 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है.

दरभंगा-सकरी-झंझारपुर मीटर गेज लाइन पर एक तरफ निर्मली टर्मिनल स्टेशन था जबकि नदी के दूसरी तरफ सहरसा और फारबिसगंज मीटर गेज रेलखंड पर सरायगढ़ टर्मिनल स्टेशन था. उस वक़्त निर्मली और सरायगढ़ के बीच कोसी नहीं नहीं थी बल्कि उसकी एक सहायक नदी तिलयुगा बहती थी. 1887 में बंगाल नॉर्थ-वेस्ट रेलवे ने निर्मली और सरायगढ़ के बीच एक मीटर गेज रेल लाइन का निर्माण किया था. उसके ऊपर 250 फुट लम्बा एक पुल था. फिर कोसी नदी ने धार बदली और वो निर्मली और सरायगढ़ के बीच बहने लगी. अब उसी कोसी के ऊपर ये महासेतु तैयार हुआ है. जिसका इंतज़ार 90 साल पुराना था. अब पीएम नरेंद्र मोदी 18 सितम्बर को इस महासेतु का उद्घाटन कर सकते हैं.



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