आज है अनंत चतुर्दशी, धारण करें ये चीज और जीवन में देखें अनंत चमत्कार

मेरठ। मंगलवार यानि एक सितंबर को अनंत चतुर्दशी है। भगवान विष्‍णु की साधना, उनकी पूजा का यह दिन अनंत सुख दायक बनता है जब इस दिन अनंतसूत्र धारण किया जाए। इस विशेष धागे को धारण करने से पहले कुछ विशेष नियम भी ध्यान रखने चाहिए। ज्योतिषाचार्य भारत ज्ञान भूषण के अनुसार भविष्य पुराण में भाद्र महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी कहा गया है। इस दिन कच्चे धागों से बने 14 गांठ वाले धागे को बाजू में बांधने से शेषनाग की शैय्या पर शयन करने वाले भगवान विष्णु जो आदि अनंत से परे हैं उनकी बड़ी कृपा होती है। इस धागे को बांधने की विधि और नियम को लेकर पुराणों में कुछ नियम और कथाएं बताई गईं हैं।

दरअसल भाद्र शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन कच्चे धागे में 14 गांठ लगाकर कच्चे दूध में डूबोकर ‘ओम अनंताय नमः’ मंत्र से भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। वैसे आजकल अनंतसूत्र बाजार में भी मिलते हैं जिनकी पूजा करके पुरुषों को दाएं बाजू में और महिलाओं को बाएं बाजू में धारण करना चाहिए।

अनंतसूत्र धारण करने वाले को कम से कम 14 दिन इसे धारण करके रखना चाहिए और इस बीच मांसाहार से परहेज रखना चाहिए। वैसे नियम यह है कि इसे पूरे साल बांधकर रखें तो उत्तम फल मिलता है। भारत ज्ञान भूषण कहते हैं कि कैण्डिल्य ऋषि ने अपनी पत्नी की बाजू में इसे बंधा देखकर इसे जादू टोने का धागा मान लिया और इसे जला दिया। इससे कौडिल्य ऋषि को बड़े दुखों का सामना करना पड़ा। भूल का अहसास होने पर इन्होंने खुद 14 वर्षों तक अनंत व्रत किया इससे प्रसन्न होकर अनंत भगवान ने इन्हें फिर से धन वैभव प्रदान किया। इसलिए कहा गया है कि अनंत का सूत्र बड़ा ही चमत्कारी है।



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