अयोध्‍या में राममंदिर के परकोटे में नजर आएंगे पांच और भव्य मंदिर, ट्रस्ट तय करेगा पूरी रूपरेखा

अयोध्या. राममंदिर का मानचित्र पास होने के साथ ही जन्मभूमि पर रामलला के भव्य मंदिर निर्माण की उल्टी गिनती शुरू हो गयी है। मंदिर परिसर में रामलला के साथ ही पांच अन्य मंदिरों का भी निर्माण कराया जाएगा। यह मंदिर राममंदिर के परकोटे के चारों दिशाओं में होंगे। माना जा रहा है कि इनमें माता सीता, राम भक्त हनुमान, भगवान गणेश सहित उन देवी-देवताओं के विग्रह को स्थान मिलेगा, जिनके प्राचीन मंदिर वर्तमान में मंदिर निर्माण की चल रही प्रक्रिया के तहत हटाए जा रहे हैं। यह नई योजना राम मंदिर का मानचित्र प्रस्तुत करने के दौरान सामने आई है। हालांकि इसे गोपनीय रखा जा रहा है, लेकिन सूत्रों की मानें तो प्रस्तुत मानचित्र में दर्शाए गए मंदिर के परकोटे में इन मंदिरों की स्थापना तय मानी जा रही है। इसकी रूपरेखा कैसी होगी इसका निर्णय श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लेना है।

विकसित किया जाएगा उद्यान

वहीं जानकारी के मुताबिक राममंदिर में 27158 वर्गमीटर क्षेत्र हरित क्षेत्र होगा। जिसमें उद्यान विकसित किया जाएगा। उद्यान में देव और औषधीय वृक्ष होंगे। मंदिर परिसर में 5888 वर्गमीटर की वृहद पार्किंग भी प्रस्तावित की गई है। अयोध्या विकास प्राधिकरण की ओर से राम मंदिर के निर्माण और दूसरे निर्माण के मानचित्र पर स्वीकृति मिलने के बाद राम मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से शुरू होने की उम्मीद है। सूत्रों की मानें तो सितंबर के दूसरे सप्ताह से राम मंदिर निर्माण के लिए बुनियाद खोदने का काम शुरू हो सकता है। निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली लगभग सारी मशीन परिसर के अंदर आ चुकी है।

जर्जर मंदिरों को गिराने का काम जारी

आपको बता दें कि परिसर में अंदर उन प्राचीन मंदिरों को गिराया जा रहा है, जो जर्जर अवस्था में हैं या फिर खंडहर हो चुके हैं। राम मंदिर निर्माण को लेकर ट्रस्ट ने लगभग अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता का कहना है कि राम मंदिर की बुनियाद लगभग 200 फीट गहरी होगी और इसके लिए कई तरह की मशीनों का उपयोग किया जाएगा। इनमें से अधिकतर मशीनें परिसर में पहुंच चुकी हैं। अन्य मशीनें भी जल्द ही पहुंच जाएंगी।



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