श्री कृष्ण जन्मभूमि को कब्जा मुक्त करने की याचिका की सुनवाई की तारीख आज होगी तय

मथुरा. अयोध्या में श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के प्रारंभ होने के बीच मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान में मंदिर-मस्जिद को लेकर विवाद शुरू हो गया गया है। श्रीकृष्ण विराजमान ने भी मथुरा की कोर्ट में 13.37 एकड़ भूमि को लेकर सिविल मुकदमा दायर किया गया है और बगल में बनी शाही ईदगाह मस्जिद हटाने की मांग की गई है। यह केस मथुरा की अदालत में दायर किया गया है। याचिका में जमीन को लेकर 1968 में हुए समझौते को गलत बताया गया है। हालांकि इस याचिका को लेकर श्रीकृष्ण जन्मस्थान संस्थान ट्रस्ट का कहना है कि इस केस से उनका कोई लेना देना नहीं है मगर कोर्ट की तरफ से याचिका की सुनवाई की तारीख आज यानी 28 सितंबर को तय होगी।

मालिकाना हक को लेकर याचिका दायर

श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर13.37 एकड़ जमीन का मालिकाना हक को लेकर याचिका दायर की गई है। यह याचिका श्री कृष्ण विराजमान की केशव देव खेवट, मौजा मथुरा बाजार शहर की ओर से उनकी अंतरंग सखी के रूप में अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री, विष्णु शंकर जैन, हरिशंकर जैन और तीन अन्य ने दाखिल की है।

क्या कहा याचिका में

याचिका में कहा गया है कि मुसलमानों की मदद से शाही ईदगाह ट्रस्ट ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर कब्जा कर लिया और ईश्वर के स्थान पर एक ढांचे का निर्माण कर दिया। भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण का जन्मस्थान उसी ढांचे के नीचे स्थित है।

प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट बन सकता है रुकावट

इस केस में प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट (Place of worship Act, 1991) की रुकावट है। इस ऐक्ट के मुताबिक, आजादी के दिन 15 अगस्त, 1947 को जो धार्मिक स्थल जिस संप्रदाय का था, उसी का रहेगा। इस ऐक्ट के तहत सिर्फ रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को छूट दी गई थी।

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