यूपी पुलिस की एक गलती के कारण बेटे की मौत के बाद अंतिम संस्कार भी नहीं कर सके माता-पिता

नोएडा. दो थानों के बीच आपसी तालमेल की कमी के चलते बुजुर्ग माता-पिता अपने बेटे के अंतिम संस्कार से वंचित रह गए हैं। बताया जा रहा है कि 21 दिन पहले 20 वर्षीय एक युवक लापता हो गया था। माता-पिता बेटे की तलाश में थाना सेक्टर-39 और पुलिस चौकी के चक्कर काट रहे थे। वहीं, बिसरख थाना क्षेत्र मे युवक का शव मिला और पुलिस ने उसका लावारिस के रूप में दाह संस्कार भी कर दिया। अब इस मामले में पुलिस अधिकारी जांच की बात कह रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन माता-पिता को दे रहे हैं। बेटे की मौत और अंतिम संस्कार से भी वंचित माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।

यह भी पढ़ें- Meerut: लॉकडाउन के दौरान तेज रफ्तार कारों की भिड़ंत में एक युवक की मौत, कई घायल

दरअसल, 20 वर्षीय विशाल यादव 17 अगस्त को सेक्टर-45 सदरपुर में जेसीबी सीखने गया था। वहां उसका झगड़ा जेसीबी ड्राइवर सिकंदर से हो गया। इसके बाद रात को उसने घरवालों को फोन कर कहा कि मैं घर आ रहा हूं, लेकिन उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया और तभी से वह लापता हो गया। काफी तलाशने के बाद परिजनों 20 अगस्त को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना सेक्अर-39 में लिखवाई। इसके बाद से माता-पिता बेटे के लिए थाना सेक्टर-39 और पुलिस चौकी का चक्कर काटते रहे, लेकिन उन्हें पुलिस कि दुत्कार मिलती रही। इससे आहत होकर रविवार को परिजनों ने थाना सेक्टर-39 पर प्रदर्शन किया।

जब अधिकारियों को इस संबंध में पता तो उन्होंने मामले की पड़ताल। जांच में सामने आया कि विशाल की 17 अगस्त को हत्या हो गई थी और बिसरख थाना क्षेत्र में विशाल का शव मिला था। इतना ही नहीं पुलिस ने विशाल के शव लावारिस के रूप में दाह संस्कार भी कर दिया। ये जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया। अब इस मामले में डीसीपी नोएडा जांच की बात कह रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन भी पीड़ित मां-बाप को दे रहे हैं। वहीं बेटे की मौत और अंतिम संस्कार से भी वंचित रह जाने के कारण मां बाप का रो-रो कर बुरा हाल है।

यह भी पढ़ें- बिकरू कांड की तरह मेरठ में भी पुलिस टीम पर फायरिंग, पुलिसकर्मियों ने अंधेरे में इधर-उधर छिपकर बचाई जान



Advertisement