सपाइयों के प्रदर्शन से डरे सीएम योगी, अब एक टेस्ट से यूपी में भी मिलेगी सरकारी नौकरी, सीईटी की करें तैयारी

लखनऊ. रोजगार के मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी बीते कई दिनों से जगह-जगह जोरदार प्रदर्शन कर रही है। शायद उसी प्रदर्शन का असर है कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का ध्यान अब रोजगार और बेरोजगारों क तरफ गया है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवा बेरोजगारों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश की योगी सरकार अब ऐसी व्यवस्था करने जा रही है जिससे ग्रुप-सी के पदों पर न केवल भर्ती की प्रक्रिया तेज हो जाएगी, बल्कि अभ्यर्थियों की परेशानी भी कम होगी। केंद्रीय स्तर पर नेशनल रिक्रुटमेंट एजेंसी (एनआरए) द्वारा कराए जाने वाले कॉमन इलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी) के सफल अभ्यर्थियों को राज्य में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की मुख्य परीक्षा में बैठने का सीधा मौका मिलेगा। इस संबंध में आयोग ने नियमावली में संशोधन संबंधी प्रस्टाव राज्य सरकार को भेजा है। प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है।

 

अब तेजी से होंगी भर्तियां

राज्य के सरकारी विभागों व निगमों में ग्रुप सी के पदों पर आयोग की ओर से की जाने वाली विभिन्न भर्तियों में विभागीय पदों की सीमित संख्या के सापेक्ष लिखित परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या लाखों में होती है। ऐसे में अलग-अलग परीक्षा कराने में आयोग को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिससे भर्तियां भी तेजी से नहीं हो पा रही हैं। आयोग ने सरकार से द्विस्तरीय प्रणाली प्रस्तावित की है।

 

नियमावली में संशोधन प्रस्तावित

इस बीच केंद्र सरकार द्वारा ग्रुप बी व सी के गैर राजपत्रित पदों पर भर्ती के लिए राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (एनआरए) के गठन और सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) के आयोजन का फैसला किया तो आयोग ने शासन को संशोधित प्रस्ताव भेजा है। आयोग ने सीईटी में सफल अभ्यर्थियों को यूपी में उसकी ओर से आयोजित की जाने वाली मुख्य परीक्षा में सीधा मौका देने के लिए नियमावली में संशोधन प्रस्तावित किया है। प्रस्ताव को राज्य सरकार की मंजूरी मिलने पर कुल पदों की संख्या के 15 से 20 गुना उन अभ्यर्थियों को सीधे मुख्य परीक्षा में बैठने का मौका मिल सकेगा जिन्होंने सीईटी क्वालिफाई कर रखा होगा। इससे अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी और आयोग को प्रारंभिक परीक्षा कराने से मुक्ति मिल जाएगी। जब तक सीईटी की आयोजन शुरू नहीं होता तब तक आयोग अभ्यर्थियों की स्क्रीनिंग के लिए प्रिलिमिनरी इलिजिबिलिटी टेस्ट (पीईटी) आयोजित करेगा और सफल अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा, कौशल परीक्षा और शारीरिक परीक्षा का आयोजन करेगा।

 

सरकार कर रही विचार

उत्तर प्रदेश के नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकुल सिंघल ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा ग्रुप बी व सी के गैर राजपत्रित पदों पर भर्ती से संबंध में की गई नई व्यवस्था को उत्तर प्रदेश में भी लागू करने के बारे में राज्य सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। इस संबंध में जल्द ही फैसला किया जाएगा। वहीं उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रवीर कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार ने हालही में नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी का गठन और उसके माध्यम से कॉमन इलिजिबिलिटी टेस्ट कराए जाने का फैसला किया है। सीईटी के आधार पर शार्ट लिस्ट किए गए अभ्यर्थियों को राज्य में ग्रुप-सी के पदों की मुख्य परीक्षा के लिए सीधे मौका देने के संबंध में नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है।

 



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