भारत ही नहीं विदेशों में भी रहने वाले राम भक्त मंदिर निर्माण में कर सकेंगे सहयोग

अयोध्या : राम मंदिर निर्माण में आर्थिक सहयोग में विदेशी मुद्रा भी ट्रस्ट लेने की तैयारी में है। जिसके लिए गृह मंत्रालय से स्वीकृति के लिए आवेदन किया है। माना जा रहा है स्वीकृति मिलते ही बड़ी मात्रा में ट्रस्ट के अकाउंट में जमा होंगे।

राम मंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गया है 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन कर आधारशिला रखा जिसके बाद मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग देने वालों की होड़ लग गई और बड़ी तादात में लोग अलग-अलग सुविधा के माध्यम से श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते में पैसा जमा कर रहे हैं वहीं विदेशों में रहने वाले राम भक्त भी मंदिर निर्माण में अपना सहयोग देने की इच्छा प्रकट की है उसको लेकर ट्रस्ट ने गृह मंत्रालय से फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट के तहत स्वीकृति मांगी है। भारत में फॉरेन कंट्री बड़ी मात्रा में चंदा लेने के लिए एक्ट के तहत जानकारी देनी पड़ती है यह एफसीआरए 1976 में पहली बार लागू किया गया था लेकिन वर्ष 2010 में इस एक्ट में बदलाव किया गया जिसे 2011 में लागू कर दिया गया जब कोई संस्था या एनजीओ विदेशी स्रोत से चंदा लेती है तो उसे एक्ट के नियमों का पालन पड़ता है।



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