फिजाओं में गूंज रहे भजन और अजान, फिर अपनी रौ में लौट रही अयोध्या, राम की पैड़ी हो रही गुलजार

अयोध्या. रामनगरी अयोध्या फिर अपनी रौ में लौटती नजर आ रही है। कोरोना काल में घर में स्नान कर दरवाजे पर भजन करने वाले रामभक्त, अब सुबह की पौ नहीं फटती है, सड़क पर राम नाम लेते हुए सरयू स्नान को चले जाते हैं। घाट पर मां सरयू को नमन कर स्नान करने के बाद जयश्रीराम का उद्घोष लगा अपने इष्टदेव के मंदिर में पूजा अर्चना को बैठ जाते हैं। सूर्य की उगती इुई किरण के साथ अयोध्या के सैकड़ों मंदिरों में भजन, कीर्तन, आरतियां, शंखनाद के साथ मस्जिद से उठ रही अजान की आवाज फिजा में आस्था का ऐसा रंग घोलते हैं कि रामलला का शहर अयोध्या राम रस में डूब जाता है। इसके बाद शहर की दिनचर्या शुरू हो जाती है। पर जैसे ही सूर्य देव अपने घर वापसी करते हैं, वैसे ही सरयू के घाटों का मंजर बदल जाता है। कोरोना काल में घाटों पर सिर्फ कल—कल की आवाज सुनाई देने वाले सरयू तट और राम की पैड़ी पर अब बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो रहे हैं। घाट पर कहीं सेल्फी ली जा रही है तो कहीं बाबा धूनी जमाए अपने इष्ट को याद कर रहे हैं तो कही चाय की चुस्कियों के संग कोरोना काल के साथ राजनीति पर चर्चा हो रही है।

कई माह के बाद वापस आया क्षण :- अयोध्या में कोरोना काल के बाद मिली छूट से एक उत्सव का माहौल छा गया है। राम मंदिर निर्माण का कार्य भी तेजी से शुरू हो गया है। श्रद्धालुओं की संख्या भी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। इसके बावजूद सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क लगाए जाने जरूरी है। मठ, मंदिरों, सार्वजनिक स्थलों पर लोगों के एकत्र होने से अयोध्या की रौनक लौटती हुई नजर आ रही है। शाम होते ही बाहर से आने वाले श्रद्धालु, पर्यटक ही नहीं बल्कि अयोध्या फैजाबाद के आम नागरिक भी सरयू घाट पर राम की पैड़ी पर अपने परिवार के संग घूमते नजर आते हैं। यह अद्भुत क्षण कई माह के बाद वापस देखने को मिल रहा है।

सिर्फ पुलिस की ड्यूटी ही दिखती थी :- अयोध्या के रामकोर्ट के पार्षद रमेश दास ने बताया कि, कोरोना के कारण अयोध्या की गलियां सूनी होने लगी थी। सरयू घाट हो या राम की पैड़ी सभी स्थान पर सिर्फ पुलिस की ड्यूटी ही दिखाई दे रही थी। लेकिन अब पहले से भी ज्यादा रौनक लौट आई है। मंदिर का निर्माण भी तेजी चल रहा है और भक्त बहुत ही उत्साहित हैं कि जल्द से जल्द राम मंदिर का निर्माण हो। और एक बार फिर अयोध्या में लगने वाले मेले में लाखों की भीड़ दिखाई दे।

सुधरने लगी मंदिरों की आर्थिक स्थिति :- अयोध्या रामघाट स्थित हरिधाम पीठ के महंत जगतगुरु राम दिनेशाचार्य ने बताया कि राम मंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद अयोध्या के लोगों में काफी उत्साह था लेकिन कोरोना ने सभी कार्यों को स्थगित कर दिया। मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगने से मंदिर की व्यवस्था प्रभावित हुई। अब छूट के बाद से मठ मंदिरों की दिनचर्या बदल गई है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए मंदिरों में पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं ने मठ मंदिरों में दान पुण्य शुरू कर दिये है, जिससे मंदिरों की आर्थिक स्थिति सुधरने लगी है। भव्य आरती भोग के साथ भगवान का पूजन अर्चन किया जा रहा है।



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