जनपद में एक अक्टूबर से चलेगा दस्तक अभियान, आशा खोजेंगी बुखार के मरीज

बाराबंकी. प्रदेश में कोरोना संक्रमण का असर टीकाकरण पर भी पड़ा है। लॉकडाउन के दौरान सभी व्यवस्थाएं बाधित होने के कारण सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण नहीं हो पाया। स्थानीय जनपद में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग अब एक बार फिर अक्टूबर माह में बुखार के मरीजों की तलाश और दिमागी बुखार पर नियंत्रण के लिए दस्तक अभियान चलाया जायेगा। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस वर्ष जन्म लेने वाले बच्चों का ब्योरा भी जुटाया जायेगा। यह अभियान एक से 15 अक्टूबर तक चलेगा।

कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. डीके श्रीवास्तव ने बताया कोरोना महामारी के चलते जनपद में अभी बहुत बच्चे टीकाकरण से छूट गए। इसलिए 01 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक संचारी रोगों की रोकथाम के लिए चलने वाले दस्तक अभियान में इस पर भी काम किया जाएगा। इस दौरान आशा वर्कर और आगंनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को डेंगू, चिकनगुनिया, जेई,एईएस आदि संचारी रोगों के प्रति जागरूक करेंगी। कोरोना के लक्षण वाले संदिग्ध मरीजों की जानकारी जुटाएंगी। वहीं वह टीकाकरण से वंचित रह जाने वाले बच्चों की भी पूरी सूची तैयार करेंगी। इस तरह 15 दिनों में जनपद में इस वर्ष जन्म लेने वाले बच्चों की खोजबीन करते हुए उनका ब्योरा जुटाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जनपद में नवजात बच्चो के टीकाकरण की कार्रवाई बेहद अहम है, क्योंकि इसकी बदौलत ये कई गम्भीर बीमारियों से सुरक्षित रहते हैं। इसलिए अक्टूबर में टीकाकरण से वंचित बच्चों की पूरी जानकारी एकत्र होने के बाद नवम्बर से तीन महीनों तक प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जाएगा। इसमें सभी बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित कराया जाएगा। इस दौरान सामान्य टीकाकरण से लेकर जरूरत के मुताबिक बूस्टर भी डोज दी जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग समेत कई अन्य विभाग शामिल

नोडल ने बताया संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए सरकारी विभाग के साथ अन्य अंतर्विभागीय प्रयास की सक्रियता जारी है। अभियान को सफल बनाने के लिए इन विभागों की सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित किया गया है। इसमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग, नगर निगम, जल निगम, ग्राम्य विकास विभाग, पशु पालन विभाग, कृषि एवं सिचाई विभाग, मतस्य पालन, स्वच्छता मिशन, सिचाई विगाग, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग अन्य को शामिल किया गया । इसके तहत वेक्टर नियंत्रण, साफ-सफाई, कचरा निस्तारण, जल जमाव रोक, शुद्ध पेयजल आपूर्ति हेतु जागरूकता उत्पन्न करने इत्यादि गतिविधियों पर विशेष जोर दिया जा रहा है , ताकि जनसमुदाय बीमारियों के प्रति जागरूक हो सकें।

शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में सफाई और दवा का छिड़काव

संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान के तहत आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उन शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों को चिह्नित करेंगी जहां सफाई व्यवस्था खराब होगी। उनकी रिपोर्ट पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। जलभराव वाले स्थानों पर एंटी लार्वा का छिड़काव और फागिंग कराई जाएगी।



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