अलकायदा आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद अब यूपी के ये जिलों एनआईए की रडार पर

मेरठ. पश्चिमी बंगाल और केरल में पकड़े गए अलकायदा के आतंकियों के कनेक्शन के तार पश्चिम उत्तर प्रदेश में जुड़ते दिखाई दे रहे हैं। इस तरह से वेस्ट यूपी एक बार फिर जांच एजेंसियां के निशाने पर आ गया है। पश्चिमी बंगाल व केरल में अलकायदा के संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में पश्चिमी यूपी से जुड़ी पुख्ता जानकारियां हासिल हुई हैं। जिसके बाद एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों ने पश्चिम उत्तर प्रदेश की ओर अपना रूख मोड़ दिया है। शनिवार को नेटवर्क का पता लगाने के लिए एनआईए की टीमों ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में डेरा डाला है। इसमें मेरठ और मुरादाबाद मंडल के जिले निशाने पर हैं। सूत्रों के मुताबिक दो टीम में एक से मेरठ और एक ने मुरादाबाद मंडल में अलकायदा का नेटवर्क खंगाल रही है।

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उल्लेखनीय है कि एनआईए ने शनिवार को केरल के एर्नाकुलम और पश्चिमी बंगाल के मुर्शिदाबाद में छापा मारकर अलकायदा के 9 संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार किए हैं। एनआईए से जुड़े सूत्र बताते हैं कि पकड़े गए संदिग्धों में तीन का संबंध पश्चिम उत्तर प्रदेश से सामने आया है, जिसमें मुरादाबाद मंडल का अमरोहा और मेरठ मंडल का एक जिला शामिल है। पूछताछ के बाद मिली जानकारी के आधार पर एनआईए की दो टीम ने दोनों मंडल में डेरा डाल दिया है। यहां से खुफिया एजेंसी पूर्व के मामलों की जानकारी जुटा रही हैं। साथ ही नए मॉड्यूल का भी पता लगाया जा रहा है।

अमरोहा व बिजनौर जनपद एजेंसी के निशाने पर हैं। सूत्रों के मुताबिक सोशल मीडिया के माध्यम से संदिग्ध नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। साथ ही गोला बारूद खरीदने के लिए फंडिंग भी की जा रही थी। पश्चिम उत्तर प्रदेेश में कौन लोग फंडिंग कर रहे हैं तथा कौन पनाह दे रहे हैं, उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। खुफिया एजेंसियों ने इस सारी कार्रवाई से स्थानीय पुलिस को अलग रखा है। वहीं, एसपी सिटी डाॅ. एएन सिंह ने बताया कि जनपद में किसी भी सुरक्षा एजेंसी की आमद की कोई सूचना नहीं है। स्थानीय स्तर पर कोई सम्पर्क नहीं किया गया है।

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