राम मंदिर की नींव पड़ते ही बढ़ी मांग, सोने से भी महंगी हुई अयोध्या में जमीन, जानें प्रति स्कवायर फुट रेट

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

अयोध्या. राममंदिर निर्माण का कार्य शुरू होते ही अयोध्या में जमीनों की कीमत सोने से भी ज्यादा हो चुकी है। एक माह के भीतर शहर के अंदर तीन गुना तो शहरी क्षेत्र के बाहर दोगुने कीमत पर जमीन मिल रही है। नव्य अयोध्या क्षेत्र में पांच सितारा होटल और अन्य सुविधाओं के लिए दर्जनों बिल्डर और निवेशक जमीन के लिए आवेदन की कतार में हैं।

क्यों बढ़ रही हैं कीमतें

रामनगरी अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण कार्य ने अब तेजी पकड़ ली है। नींव के लिए पिलर्स ढाले जा रहे हैं। इसी के साथ अयोध्या के विकास का खाका केंद्र और प्रदेश सरकार मिलकर खींच रहे हैं। अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन के साथ ही फाइव स्टार होटल, मल्टीलेवल पार्किंग के साथ सरयू सहित आसपास के क्षेत्र में विकास की तमाम योजनाएं बनायी गयी हैं। इसी के साथ दर्जनों निजी कंपनियां भी अयोध्या में भी निवेश की उत्सुक हैं। यही कारण है कि अयोध्या क्षेत्र में जमीनों की कीमत में तेजी से इजाफा हो रहा है।

इस तरह दामों में आया उछाल

अयोध्या के प्रापर्टी डीलरों की मानें तो पिछले छ: महीने में अयोध्या के 14 कोसी परिक्रमा क्षेत्र में जमीनों के दाम 700 रुपए स्कवायर फुट से बढ़कर 2000 रुपए पहुंच गए हैं। अयोध्या शहर और फैजाबाद में 1000 रुपए से लेकर 1500 रुपए स्क्वायर फुट में बिकने वाली जमीन की कीमत अब 2000 से 3000 रुपए स्क्वायर फिट में पहुंच गयी है। इसी तरह आउटर में 800 से 900 रुपए प्रति स्क्वायर फिट में मिलने वाली जमीन की कीमत अब 1500 रुपए स्क्वायर फुट हो गयी है।

अयोध्या में बढ़ी जमीन की कीमत

प्रापर्टी डीलर रिशु पांडे बताते हैं कि हिन्दुस्तान ही नहींं बल्कि विदेश से भी अब पर्यटक अयोध्या पहुंच रहे हैं। इनके लिए बजट होटल से लेकर व्यासायिक काम्पलेक्स बनाने के लिए कंपनियां अयोध्या में जमीन तलाश रही हैं। इसीलिए कीमत 4 गुना से भी अधिक हो गयी है।

चार गांवों में सबसे ज्यादा बढ़ी कीमत

माझा बरहेटा, सहजनवा, सहजनवा उपरहा और माझा उपरहा अयोध्या के सबसे नजदीक गांव हैं। ये सरयू नदी के किनारे बसे हैं। माझा जमथरा गांव में सरकार भगवान राम की सबसे ऊंची मूर्ति लगाने के लिए जमीन तलाश रही है। नयी अयोध्या की बसाहट भी इसी क्षेत्र में की जानी है। इसलिए यहां रजिस्ट्री में 20 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसी क्षेत्र में रिलांयस ग्रुप और अडानी गु्रप भी बड़े होटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जमीन तलाश रहे हैं।



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