मायावती के विरोध पर सीएम योगी ने वापस लिया फ़ैसला, अब नंदग्राम में नहीं बनेगा डिटेंशन सेंटर

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की नंद ग्राम कॉलोनी में स्थित दलित छात्रावास को डिटेंशन सेंटर बनाए जाने का फैसला योगी सरकार ने वापस ले लिया है। बताया जा रहा है कि बसपा सुप्रीमो और दलित छात्रों क् विरोध के बाद सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा और यहां डिटेंशन सेंटर बनने का फैसला वापस लेना पड़ा।

दरअसल, योगी सरकार द्वारा नंद ग्राम कालोनी में स्थित दलित छात्रावास में देश का 12वां डिटेंशन सेंटर बनाने की घोषणा की गई थी। इन छात्रावासों का निर्माण तत्कालीन बसपा सरकार में किया गया था। अक्टूबर में डिटेंशन सेंटर का शुभारंभ होने की संभावना थी। इस डिटेंशन सेंटर में प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी रखे जाने की योजना तैयार की गई थी। यानी खुली जेल की तरह यह डिटेंशन सेंटर बनाया जाना था। लेकिन जैसे ही इसकी जानकारी बसपा सुप्रीमो मायावती को मिली तो उन्होंने तत्काल प्रभाव से ट्वीट कर इस पर एतराज जताया।

वहीं छात्रावास के अंदर रह रहे छात्र-छात्राओं ने भी इसका विरोध किया। यहां रह रहे छात्र-छात्राओं का कहना है कि यह छात्रावास दलित छात्र छात्राओं के लिए बनाया गया था। भले ही इसकी देखरेख या मेंटेनेंस नहीं हो रहा हो, लेकिन अभी भी वहां पर काफी संख्या में छात्र-छात्राएं रह रहे हैं और यदि सरकार के द्वारा इस तरह का फैसला लिया गया है। तो निश्चित तौर पर यह दलित विरोधी फैसला है। इसलिए इस छात्रावास में रह रहे सभी दलित छात्र छात्राएं इसका पुरजोर विरोध किया।

उधर इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए गाजियाबाद के जिला अधिकारी अजय शंकर पांडे ने बताया कि नंद ग्राम स्थित छात्रावास को पहले डिटेंशन सेंटर बनाए जाने की घोषणा की गई थी। जिस पर कार्य प्रारंभ कर दिया गया था। लेकिन अब सरकार ने इस छात्रावास को डिटेंशन सेंटर ना बनाए जाने का निर्णय लिया है और अब छात्रावास में डिटेंशन सेंटर नहीं बनाया जाएगा। इस छात्रावास मैं अब एससीएसटी छात्र छात्राओं के लिए छात्रावास ही संचालित होगा।



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