राज्यपाल से मुलाक़ात के बाद कंगना के हाथों में नज़र आया कमल का फूल, क्या कंगना…

शिवसेना के साथ विवाद और अपने दफ्तर पर BMC द्वारा बुलडोज़र चलवाए जाने के बाद आज अभिनेत्री कंगना रनौत ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाक़ात की. इस दौरान उनकी बहन रंगोली चंदेल भी मौजूद थी. कंगना ने राज्यपाल को स्थिति से अवगत कराया. इस मुलाक़ात के बाद कंगना रनौत ने मीडिया से कहा कि राज्यपाल यहां के गार्जियन हैं. मेरा पॉलिटिक्स से लेना-देना नहीं है. मेरे साथ अभद्र व्यवहार हुआ है. गवर्नर साहब ने बेटी की तरह मेरी बात सुनी. मुझे विश्वास है कि मुझे न्याय मिलेगा. 

राज्यपाल से मुलाकात कर राजभवन से बाहर निकली कंगना के हाथों में कुछ ऐसा था जिसे देख कर सब चौंक पड़ें और इसके सियासी मायने निकाले जाने लगे. दरअसल राजभवन से बाहर निकलते वक़्त कंगना के हाथों में कमल का फूल था और वो भी एक नहीं दो. पहले से शिवसेना कंगना पर आरोप लगा रही है कि वो भाजपा के हाथों की कठपुतली है. अब कंगना के हाथों में कमल का फूल देख अटकलें लग रही है कि क्या वाकई कंगना भाजपा के प्रति अपने झुकाव को सार्वजनिक कर रही है. कंगना के POK वाले बयान से तो भाजपा ने खुद को अलग कर लिया था. लेकिन BMC द्वारा कंगना के ऑफिस पर बुलडोजर चलाये जाने का भाजपा ने खुल कर विरोध किया था और इसे बदले की कारवाई बताया था.

वैसे भाजपा के प्रति कंगना के लगाव के हाल ही में कई इशारे मिले जब गृह मंत्रालय की तरफ से कंगना को Y श्रेणी की सुरक्षा दी गई. उसके बाद हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री भी खुल कर कंगना के समर्थन में खड़े हो गए. केंद्र और महाराष्ट्र में भाजपा के सहयोगी रामदास अठावले ने खुल कर कंगना का समर्थन किया है. इन सबको देखते हुए अटकलें लग रही है कि कंगना आने वाले वक़्त में भाजपा में शामिल हो सकती हैं. उनकी माँ जो कांग्रेस की सदस्य थीं, शिवसेना से विवाद के बाद उन्होंने भाजपा की सदस्यता ले ली थी.



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