अस्पताल में तड़फता रहा मरीज, पर डाक्टर और मेडिकल स्टाफ के पास नहीं थी फुर्सत

मथुरा. जिला अस्पताल में डाक्टर और कर्मचारियों की लापरवाही का यह आलम है कि मरीज और तीमारदार दोनों ही उफ्फ कह देंगे। पर मेडिकल स्टाफ के माथे पर शिकन भी नहीं आएगी। मथुरा जिला अस्पताल में दुर्घटना में गंभीर रुप से घायल एक मरीज को एडमिट कराया गया लेकिन अस्पताल में मरीज के साथ मेडिकल स्टाफ जो बर्ताव कर रहा था वो शर्मसार कर देने वाला था। सिर में चोट लगने से गंभीर अवस्था में बेड पर पड़े मरीज का एक हाथ और एक पैर बांध दिया गया। इतना ही नहीं बेसुध पड़े मरीज के चेहरे पर लगा ऑक्सीजन मास्क भी हट गया लेकिन किसी भी कर्मचारी ने उसके मास्क को दोबारा ठीक करने की जहमत नहीं उठाई और इलाज के लिए बेड पर पड़ा मरीज तड़फता रहा।

जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को सौंख रोड स्थित पेट्रोल पंप के समीप साइकिल पर जा रहे एक शख्स को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। घायल अवस्था में जमीन पर तड़फ रहे इस व्यक्ति को एक स्थानीय युवक ने इलाज के लिए जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराया। बताया गया है कि घायल व्यक्ति की साइकिल पर एक टिफिन टंगा हुआ था जिससे लग रहा है कि ये कोई मजदूर हैं और काम पर जाने के लिए निकला था लेकिन हादसे में घायल हो गए।

सिर में गंभीर चोट :- घायल के सिर में गंभीर चोट होने के कारण जिला अस्पताल में उनका इलाज तो शुरू कर दिया गया लेकिन मरीज की देख रेख के लिए न तो डॉक्टर के पास वक्त था न ही मेडिकल स्टाफ के पास फुर्सत। लिहाज मरीज के एक हाथ और एक पैर को बेड पर बांध दिया गया और उसके मुंह पर ऑक्सीजन मास्क भी लगा दिया लेकिन बेसुध हालात में तड़फते मरीज का ऑक्सीजन मास्क भी उसके चेहरे से हट गया, पर मेडिकल स्टाफ ने दोबारा उस मास्क को लगाने को जहमत नहीं उठाई।

नाम-पता दोनों नहीं मालूम :- मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने वाले युवक ने अपना नाम निशि निवासी सुखदेव नगर सौंख रोड मथुरा बताया। उसने बताया कि किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल होकर यह व्यक्ति सड़क पर पड़े हुए थे जिन्हें उपचार के लिए वह जिला अस्पताल लाया है जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। उसने बताया कि अभी घायल व्यक्ति कौन है और कहां का रहने वाला है यह भी पता नहीं चल सका है।



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