सितम्बर माह में हल्की ठंड की जगह पड़ रही है जून वाली गर्मी

लखनऊ. देश में मौसम की जानकारी देने वाली निजी संस्था स्काइमेट ने बताया कि उत्तर भारत में सिर्फ उत्तराखंड के एक-दो स्थानों को छोड़ दें तो बाकी सभी राज्यों में बारिश के आसार नहीं हैं। आईएमडी ने रविवार को जारी अपने मौसम बुलेटिन में कहा था, पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर मौसम बिगड़ सकता है और बौछारें पड़ सकती हैं। लखनऊ मौसम का हाल बेहद खराब है। आस-पास जिलों में बूंदाबादी हो रही हैं पर लखनऊ में उमस अपने चरम पर है और सितम्बर माह जब हल्की ठंड शुरू होनी चाहिए उसमें जून की तरह गर्मी पड़ रही है। यूपी में अभी मानसून नहीं जाने वाले हैं।

उमस परेशान करेगी :- स्काइमेट के अनुसार, बीते 24 घंटों उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्य स्थानों पर गर्जना के साथ हल्की बारिश हुई। यूपी में कानपुर, लखनऊ, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, एटा, बुलंदशहर, झांसी, मेरठ, मुरादाबाद आदि जिलों में बारिश के आसार बहुत कम हैं। कानपुर में एक या दो दिन बूंदाबांदी की संभावना है। प्रदेश के पश्चिमी और मध्य भागों में अगले चार से पांच दिनों में मौसम साफ और शुष्क रहेगा। तापमान बढ़ेगा, जबकि हवा में नमी अधिक होने की वजह से उमस परेशान करेगी।

सीएम ने दिए मुआवजे के आदेश :- उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मंगलवार दोपहर बाद कहीं रिमझिम तो कहीं झमाझम बारिश में आकाशीय बिजली गिरने से उसकी चपेट में आकर 22 लोगों की मौत हो गई। गाजीपुर में पांच, बलिया-सोनभद्र में चार-चार, कौशांबी में तीन, वाराणसी-जौनपुर-चंदौली में दो-दो लोग वज्रपात में जान गंवा बैठे। इसके अलावा कई अन्य लोग आकाशीय बिजली से झुलसने के बाद अस्पताल में भर्ती हैं। कई मवेशी भी झुलसने की सूचना मिली है। यूपी सीएम योगी आदित्यानाथ ने आकाशीय बिजली से मरने वाले लोगों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।



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