भक्तों ने गोद में बिठाकर किया गणपति का विसर्जन

सुलतानपुर. गणेशोत्सव के 12वें दिन भगवान गणपति अपने भक्तों की गोद में बैठकर अपनी विसर्जन यात्रा पूरी की। कोरोना काल में किसी भी आयोजन पर पूरी तरह पाबंदी लगने और सोशल डिस्टेंडिंग के पालन करने के निर्देश के कारण सार्वजनिक अनुष्ठानों और आयोजनों पर अंकुश रहा। लेकिन भगवान गणपति बप्पा के भक्तों ने नियमों का पालन करते हुए भगवान गणेश की विधि-विधान से 12 दिनों तक पूजा-अर्चना किया और विसर्जन यात्रा में भगवान गणपति को गोद में बिठाकर उनकी विसर्जन यात्रा में नाचते-गाते और जयकारा लगाते हुए पूरी कर उन्हें गोमती नदी के पवित्र घाट पर विसर्जित किया।

गणपति के ऑनलाइन दर्शन :- इस बार भगवान गणपति बप्पा के भक्तों ने ऑनलाइन दर्शन किये। भक्तों ने गणपति विसर्जन के पहले पुरोहितों को बुलाकर विधि-विधान से हवन-पूजन और सर्वमंगल के लिए यज्ञ किया। गणेश जी के भक्तों ने विश्वकल्याण के लिए भगवान गणपति से प्रार्थना की और आहुतियां भी दी।

विसर्जन यात्रा नहीं निकली :- जिले में कहीं भी गणपति बप्पा की विसर्जन यात्रा नहीं निकाली गई। भगवान गणपति के भक्तों ने शंख, घण्टा-घड़ियाल बजाकर लम्बोदर से विश्व के कल्याण के लिए प्रार्थना की और अगले बरस बप्पा जल्दी आएं और कोरोना महामारी को अपने संग ले जाएं की कामना की।



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