दिल्ली के रामलीला मैदान में किसानों की होगी महाभारत, समस्या हल नहीं हुई तो प्राण त्याग देंगे किसान

बाराबंकी. केन्द्र और प्रदेश की सरकारों से अब देश के किसानों का जैसे मोह भंग हो गया है और अब वह आर-पार की लड़ाई के मूड में दिखाई दे रहे हैं। इसकी बानगी बाराबंकी में देखने को मिली। जहां किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दिल्ली की रामलीला मैदान से हुंकार भरने की घोषणा करते हुए कहा कि अगर सरकार ने उनकी बातें मानकर समस्या का समाधान नहीं किया तो वह वहीं प्राण त्याग देंगे। किसानों की अनदेखी को लेकर अब तक की सभी सरकारें दोषी हैं। किसी ने भी किसानों की समस्याओं की ओर हल करने के इरादे से नहीं देखा।

दिल्ली में उठाएंगे मांग

बाराबंकी में भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह पहुंचे। इस दौरान उनका किसान यूनियन ने जबरदस्त स्वागत किया। भानु प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार किसानों की दशा सुधारने के लिए किसान आयोग का गठन करे और इस आयोग में सिर्फ किसान रहें। राजनेता कतई नहीं। वृद्ध किसानों को 10 हजार रुपए मासिक पेंशन, किसान की मृत्यु पर दो करोड़ और जवान की मृत्यु पर 5 करोड़ रुपया सरकार मुआवजा दे। यही मांग लेकर वह दिल्ली जाने वाले हैं। जहां सरकार के सामने वह यह मांग रखेंगे और अगर मांगें नहीं मानी गईं तो वह अपना प्राण वहीं त्याग देंगे। भानु प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार अब किसानों के बारे में सोचे, अन्यथा कोरोना काल समाप्त होने के बाद वह दिल्ली के रामलीला मैदान में किसानों की महाभारत करेंगे। जिसमें देश भर के किसान शामिल होंगे और सरकार के सामने अपनी मांगें रखेंगे। किसान यूनियन के प्रान्तीय महासचिव उपेन्द्र सिंह पटेल उर्फ आशू चौधरी ने बताया कि धान खरीद हो, गेहूं खरीद हो या कोई अन्य फसल की खरीद। किसानों की उपज की खरीद की व्यवस्था 15 दिन पूर्व होनी चाहिए। अन्यथा अधिकारियों की नींद-हराम कर दी जाएगी।



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