कृषि विधेयक: कैसेे सुधरेगी हालत, किसानों को मनाने के लिए भाजपा ने बनाई विशेष रणनीति

मेरठ. कृषि बिल पर अभी संसद में अंतिम मोहर नहीं लगी है और इस पर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया है। इस बिल के विरोध में कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियां भी सरकार के विरोध में सड़क पर हैं। सरकार विरोधी पार्टियां इस बिल को किसान विरोधी बता रही हैं। बिल के विरोध में विरोधी पार्टियों के सामने आने से अब किसान भी इसके बारे में जानने को इच्छुक हैं। विरोध के सुर कहीं और न तेज हों इसके लिए अब भाजपा ने अपने किसान फ्रंट संगठन यानी भाजपा किसान मोर्चा को आगे किया है, जो कि किसानों को बिल के बारे में पूरी विस्तार से जानकारी देगा। इसके लिए भाजपा गांव में चौपाल लगाएगी।

यह भी पढ़ें- दवा व्यापारी की हत्या के बाद हुआ बड़ा खुलासा, बदमाशों के डर से दर्जनों व्यापारियों ने किया पलायन

भाजपा के किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष राजा वर्मा ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि कांग्रेस ने किसानों के लिए पिछले 70 सालों में कुछ नहीं किया। आज भाजपा किसानों के हित की बात कर रही है, बिल ला रही है तो कांग्रेस समेत तमाम विपछी पार्टियां विरोध में उतर आई हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के राज में ही किसानों को अपना अनाज और कृषि संबंधी उत्पाद कहीं भी बेचने की छूट दी गई है। कांग्रेस के इंस्पेक्टर राज में तो किसानों का शोषण हुआ है। राजा वर्मा ने कहा कि भाजपा किसानों को बिल के बारे में बताएगी और समझाएगी। उन्होंने कहा कि जिस किसी को भी बिल के बारे में संशय है वे उसके साथ खुले मंच में इस पर बातचीत करने को तैयार हैं।

प्रदेशाध्यक्ष राजा वर्मा ने बताया कि भाजपा हवाबाजी में काम नहीं करती। आज किसानों को खाद की कालाबाजारी से मुक्ति मिली है। बीज सुलभता से उपलब्ध है। खेती के लिए बिजली और पानी के साधन उपलब्ध कराए गए हैं। बिल का विरोध कर रहे विपक्षियों पर उन्होंने आरोप लगाए कि ये लोग किसानों के हित की बात कैसे सोच सकते हैं। प्रदेश में सपा, बसपा और कांग्रेस की सरकारें रहीं। किसान अपना उत्पाद एक जगह ही बेचने के लिए मजबूर रहता था। जिस कारण उसे उसकी मेहनत का पूरा लाभ नहीं मिल पाता था। आज किसान कहीं भी अपनी फसल को बेच सकता है।

रणनीति बनाकर करेंगे किसानों के बीच समझाने का काम

राजा वर्मा ने कहा कि वे वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकर रणनीति बनाएंगे और जरूरत पड़ी तो गांव में जाकर किसानों के बीच भी बिल के बारे में बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर किसानों को बिल के बारे में जरा भी संशय है तो वे गांव-गांव चौपाल लगाकर बिल के बारे में विस्तार से बताएंगे।

यह भी पढ़ें- फर्जी कॉल सेंटर बनाकर देशभर में पांच लाख लोगों से एक अरब रुपये से ज्यादा की ठगी कर चुके ये लोग



Advertisement