बाल संरक्षण गृह भेजी गई अमर दुबे की पत्नी, कोर्ट ने माना नाबालिग

कानपुर. कानपुर शूटआउट (Kanpur Encounter) के मुख्य आरोपी विकास दुबे के करीबी अमर दुबे की पत्नी खुशी को कोर्ट के आदेश पर बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया है। उन्हें नाबालिग होने के आधार पर बाल संरक्षण गृह भेजा गया है। अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने 12 अगस्त को विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र (कानपुर देहात एंटी डकैती कोर्ट) में प्रार्थना पत्र देकर खुशी के नाबालिग होने के संबंध में साक्ष्य दिए थे। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने खुशी के उम्र निर्धारण के लिए किशोर न्याय बोर्ड को मामला स्थानांतरित कर दिया था। इसके बाद बीते दो सितंबर को किशोर न्याय बोर्ड ने खुशी को नाबालिग घोषित कर दिया था। उसकी शूटआउट के तीन पहले ही शादी हुई थी। अमर दुबे पुलिस एनकाउंटर में हमीरपुर में मारा गया था।

खुशी की उम्र 16 वर्ष 10 माह

दो सितंबर को सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने बोर्ड को बताया कि खुशी ने कक्षा 5 व 8 की परीक्षा शास्त्री नगर स्थित मां सरस्वती विद्यालय से और कक्षा 9 व 10 की परीक्षा पनकी स्थित शहीद चंद्रशेखर आजाद इंटर कॉलेज से पास की है। प्रमाणपत्रों के आधार पर उसका जन्म 21 अगस्त, 2003 को हुआ था। हाई स्कूल के प्रमाणपत्र व अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र भी पेश किए। जिसके आधार पर बोर्ड ने खुशी को नाबालिग मान लिया और फैसला सुनाते हुए कहा था कि प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों के आधार पर खुशी की उम्र लगभग 16 वर्ष 10 माह है।

ऑडियो वायरल होने के बाद बैकफुट पर आई पुलिस

दो जुलाई को कानपुर शूटआउट के बाद पांच जुलाई को पुलिस ने अमर दुबे का एनकाउंटर किया था। इसके तीन दिन बाद यानी 8 जुलाई को उसकी पत्नी खुशी को हिरासत में लिया गया था। हालांकि, खुशी के नाबालिग होने और शूटआउट में संलिप्तता व गिरफ्तारी पर सवाल उठने पर पुलिस ने उसकी रिहाई के प्रयास शुरू कर दिए थे। मगर इसके बाद उसकी शादी का वीडियो और बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई थी और खुशी को जेल भेज दिया था।

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