विकास दुबे और उसके गुर्गो के घरों की काटी गई बिजली, दहशत से फिक्स चार्ज पर ही होती थी बिलिंग

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

कानपुर-कुख्यात अपराधी विकास दुबे के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद पुलिस समेत अब बिजली विभाग की कार्यवाही भी शुरू हो गई। विकास दुबे का अपने गांव बिकरू में प्रभाव था। लेकिन अन्य लोगों में इतनी दहशत व्याप्त थी कि पूरे गांव में बिना मीटर के है बिजली का उपभोग हो रहा था। बिजली विभाग के किसी अफसर ने बिजली मीटर की हिम्मत नहीं जुटाई। गांव में औसत के रूप में बिलिंग हो रही थी, लेकिन वसूली करने कोई नहीं आता था। रविवार को बिजली गांव की टीम ने बिकरू में अभियान चलाया। इस दौरान विकास दुबे व मुठभेड़ में मारे गए साथियों सहित 22 घरों के बिजली कनेक्शन काट दिए, जो बिना मीटर के है बिजली का उपभोग कर रहे थे। इन सभी लोगों पर बिना मीटर बिजली उपभोग का आरोप है।

विकास की दहशत में था ये आलम

उपजिलाधिकारी मैथा कानपुर देहात द्वारा अभियान चलाया गया और इन सभी लोगों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए। विकास का इतना प्रकोप था कि बिकरू गांव के नाम से कनेक्शन तो कई घरों में हुए लेकिन बिना मीटर ही बिजली का उपयोग किया जाता रहा। यहां तक कि विकास की कोठी में 1 किलोवाट का कनेक्शन बताया गया, जबकि कोठी में कई एयर कंडीशन, टीवी, कूलर व कई लाइट जलती थी। इसके साथ ही प्रभात व प्रवीण के घर में भी एक किलोवाट से ज्यादा बिजली का उपयोग मिला। विद्युत टीम ने सबसे पहले विकास के घर का कनेक्शन काटा, जहां मीटर न होने के चलते औसत बिल जमा किया जा रहा था।

कांड के इन आरोपियों के भी कटे कनेक्शन

वहीं बिकरू कांड के गिरफ्तार आरोपी उमाकांत, गोपाल सहित 22 घरों में मीटर नहीं लगे थे। सभी के कनेक्शन काट दिए गए। यहां तक कि इन घरों में लोग अस्थाई मीटर कनेक्शन के कागज भी नहीं दिखा सके। जब चेक किया गया तो कई लोगों के बिल तीस हजार रुपया तक निकला। जिनके ऊपर बिजली चोरी में कार्रवाई भी की जाएगी। एसडीओ ने बताया कि अभियान चलाया गया है। एक-एक घर में विद्युत मीटर लगेगा। बिजली चोरी अधिनियम के तहत कार्रवाई भी की जाएगी। अभियान लगातार जारी रहेगा।



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